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त्रिभुज के महत्वपूर्ण कथनों को सिद्ध कैस...

त्रिभुज के महत्वपूर्ण कथनों को सिद्ध कैसे करे? | कक्षा 7 गणित Chapter 6 | Manik Sir | 5 PM

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Select the correct alternative to indicate the arrangement of the following words in a logical and meaningful order. निम्नलिखित शब्दों के अर्थपूर्ण एवं तर्कपूर्ण क्रम को दशनि वाले विकल्प का चयन करें | 1. Chapter 2. Word 3. Letter 4. Phrase 5. Paragraph 6. Sentence

To do a certain work, the ratio of the efficiencies of A , B and C is 7 : 5 : 6. Working together, they can complete the same work in 35 days. B and C worked together for 21 days. The remaining work will be completed by A alone in : एक निश्चित कार्य को करने के लिए,A, B और C की कार्य क्षमता का अनुपात 7 : 5: 6 है| एक साथ कार्य करते हुए, वे इसी कार्य को 35 दिनों में पूरा कर सकते हैं | B और C ने 21 दिनों तक कार्य किया | शेष कार्य पूरा करने में A को अकेले कितने दिन लगेंगे ?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। लेखिका के अनुसार अपनी बात कहने के सदंर्भ में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। लेखिका के अनुसार

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। संवाद तभी सार्थक होता है जब

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। 'ख़मोशी ही बोलने लगती है।' से अभिप्राय है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। 'महत्त्वपूर्ण' शब्द है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। कुछ कहा जा रहा हो उससे कहीं महत्वपूर्ण होता है अपनी बात कहने का तरीका। आप कितनी ही जरूरी बात क्यों न कहें, अगर आपकी बात कोई सुने नहीं, महसूस ही न करे, तो उसे कहने का फायदा ही क्या? किसी के कहे को सुनने के लिए, उसे महसूस करने के लिए, पूरा ध्यान केंद्रित करने की जरूरत होती है। और वही मिलता था मुझे उस महान संगीतज्ञ बीथोवन के स्वरों द्वारा-पूरा ध्यान। आप पूछ सकते हैं कि "आवाजाही और बातचीत के शोर से भरे किसी कमरे के दूसरे-छोर पर बैठा कोई बच्चा उन आठ कोमल स्वरों को भला कैसे सुनता होगा?" इस सवाल का जवाब तो कोई भी शिक्षक दे सकता है। ये स्वर सुन तो वे बच्चे ही पाते थे जो पियानों के बिल्कुल पास खड़े होते थे, और तब उनका स्पर्श दूसरों को अगाह करता था। पर कुछ ही क्षणों में तेजी से फैलती वह ख़ामोशी ही बोलने लगती थी। और जब तक आखिरी स्वर की गूंज खत्म होती, सभी बच्चे शांत हो चुके होते थे। वे खामोशियाँ, वे सन्नाटे याद रहेंगे मुझे.. सात क्या उसके भी कई-कई सालों बाद भी। निम्नलिखित में से कौन-सा शब्द स्त्रीलिंग है?

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