Home
Class
MATHS
हमारा पर्यावरण - L3 | ओजोन परत तथा कचरा ...

हमारा पर्यावरण - L3 | ओजोन परत तथा कचरा प्रबंधन | Chapter 2 | कक्षा 10 NCERT विज्ञान | Pooja Ma'am

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये वायु प्रदूषण आज की प्रमुख समस्या है। जंगलों के कटने तथा खनिज ईंधन के जलने से वायु में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा दिनों बढ़ रही है। विश्व पर्यावरण विकास आयोग' के अनुसार औद्योगीकरण के पूर्व वायु के प्रति 10 लाख में 280 कार्बन डाई-ऑक्साइड' थी। यह घनत्व अस्सी के दशक में 340 पहुंच गया तथा इक्कीसवीं शताब्दी के मध्य से अन्त तक यह 560 तक पहुंच जाएगा। फोम, रबर, रेफ्रिजरेशन, एयरोसोल कारखानों से वातावरण में घुलती गैस से प्राणवायु के स्रोत 'ओजन परत' के टूटने का खतरा 1986 में विदित हुआ है। अन्तरिक्ष में विभिन्न उपग्रहों को स्थापित करते समय वायुमण्डल की ओजोन प्रभावित होती है। विषभरी गैसें भवनों को भी प्रभावित करती हैं। वृक्ष वातावरण को शुद्ध करते हैं। एक औसत श्रेणी का वृक्ष 50 वर्षों में 50 हजार किलोग्राम ऑक्सीजन देता है। इन्हें काटकर मनुष्य वातावरण के सन्तुलन को बिगाड़ रहे हैं और वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। ओजोन परत टूटने का खतरा कब विदित हुआ

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये वायु प्रदूषण आज की प्रमुख समस्या है। जंगलों के कटने तथा खनिज ईंधन के जलने से वायु में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा दिनों बढ़ रही है। विश्व पर्यावरण विकास आयोग' के अनुसार औद्योगीकरण के पूर्व वायु के प्रति 10 लाख में 280 कार्बन डाई-ऑक्साइड' थी। यह घनत्व अस्सी के दशक में 340 पहुंच गया तथा इक्कीसवीं शताब्दी के मध्य से अन्त तक यह 560 तक पहुंच जाएगा। वातावरण में छोड़ा जाने वाला धुआं अब सामान्य लकड़ी का धुआं न होकर अब उसमें कार्बन-ऑक्साइड के साथ-ही-साथ नाइट्रसऑक्साइड, धूल जैसे पदार्थों का आधिक्य भी हो रहा है। धातु कणों में सीसा, पारा, निकल, क्रोमियम, तांबा, आदि होते हैं। सीसे के जहर से मानव मस्तिष्क के तन्तु नष्ट हो जाते हैं। निकल, क्रोमियम से श्वास लेने में कष्ट होता है। फोम, रबर, रेफ्रिजरेशन, एयरोसोल कारखानों से वातावरण में घुलती गैस से प्राणवायु के स्रोत 'ओजन परत' के टूटने का खतरा 1986 में विदित हुआ है। अन्तरिक्ष में विभिन्न उपग्रहों को स्थापित करते समय वायुमण्डल की ओजोन प्रभावित होती है। विषभरी गैसें भवनों को भी प्रभावित करती हैं। वृक्ष वातावरण को शुद्ध करते हैं। एक औसत श्रेणी का वृक्ष 50 वर्षों में 50 हजार किलोग्राम ऑक्सीजन देता है। इन्हें काटकर मनुष्य वातावरण के सन्तुलन को बिगाड़ रहे हैं और वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। जंगलों के कटने से क्या हो रहा है।

Factorise the expressions. (i) ax^2 + bx (ii) 7p^2 + 21q^2 (iii) 2x^3 + 2xy^2 + 2xz^2 (iv) am^2 + bm^2 + bn^2 + an^2 (v) (lm + l) + m +1 (vi) y(y+z) + 9(y+z) (vii) 5y^2 - 20y - 8z + 2yz (viii) 10ab + 4a + 5b +2 (ix) 6xy - 4y + 6 - 9x

The approach to the following equilibrium was observed kinetically form both directions: [PtCl_(4)]^(2-) +H_(2)O hArr [Pt(H_(2)O)Cl_(3)]^(ɵ)+Cl^(ɵ) At 25^(@)C it was found that at 0.3 inoic strength - (Delta [PtCl_(4)]^(2-))/(Delta t) = (3.9 xx 10^(-5)s^(-1))[PtCl_(4)]^(2-) - (2.1 xx 10^(-3) L mol^(-1) s^(-1))[Pt(H_(2)O)Cl_(3)]^(ɵ)[Cl_(3)^(ɵ)] What is the value of k for the complexation of the fourth Cl^(ɵ) by Pt(II) at 0.3 ionic strenght.