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जीव जनन कैसे करते है - L1 | जनन तथा जनन ...

जीव जनन कैसे करते है - L1 | जनन तथा जनन के प्रकार | Class10 विज्ञान | 7PM Class by Pooja Mam

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To do a certain work, the ratio of efficiency of A to that of B is 3:7.Working together, they can complete the work in 10 1/2 days. They work together for 8 days. 60% of the remaining work will be completed by A alone in : किसी कार्य को करने में, A की कार्य क्षमता तथा 8 की कार्य क्षमता का अनुपात 3: 7 है | एक साथ कार्य करते हुए, वे इस कार्य को 10 1/2 दिनों में कर सकते हैं | वे 8 दिनों तक साथ कार्य करते हैं | शेष कार्य का 60% हिस्सा A अकेले कितने दिनों में पूरा करेगा ?

If a sum of ₹ 1,180 is to be divided among A, B and C, such that 2 times A’s share, 5 times B’s share and 7 times C’s share, are equal, then A’s share is: यदि 1,180 रुपये की एक राशि A,B,C और D के बीच इस प्रकार विभाजित की जाती है कि A के हिस्से का दोगुना, B के हिस्से का 5 गुना तथा C के हिस्से का 7 गुना बराबर है | A का हिस्सा कितना है ?

A sum of Rs. x is divided among A , B and C such that the ratio of shares of A and B is 7: 12 and that of B and C 1s 8: 5. If the difference in the shares of A and C is Rs. 214 , then the value of x is: x रुपये की राशि A , B और C में इस प्रकार विभाजित की जाती है कि A और B के हिस्से का अनुपात 7 : 12 है और B तथा C के हिस्से का अनुपात 8 : 5 है | यदि A और C के हिस्सों में 214 रुपये का अंतर है, तो x का मान ज्ञात करें |

Reproduction (जनन)|Types Of Reproduction (जनन के प्रकार )|Flower And Parts Of Flower (फूल तथा फूल के भाग)|Pollination (परागण)|Self Pollination (स्व परागण)|Cross Pollination (पर परागण)|Fertilization (निषेचन)|OMR

In a triangle XYZ, L and M are mid points of XY and XZ. R is a point on Side LM such that LR : RM = 1 : 2. If LR = 3cm then the value of YZ is equal to: त्रिभुज XYZ में, L और M क्रमशः भुजाओं XY तथा XZ के मध्य बिंदु है। R, खंड LM पर स्थित एक बिंदु है जो इस प्रकार है किLR : RM = 1 : 2 है। यदि LR = 3 सेमी है, तो YZ का मान किसके बराबर होगा ?

निम्नलिखित काव्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो...1 उसको क्या जो दंतहीन, विषरहित, विनीत सरल हो...2 तीन दिवस तक पंथ माँगते रघुपति सिंधु किनारे...3 बैठे पढ़ते रहे छनद अनुनय के प्यारे-प्यारे...4 उत्तर में जब एक नाद भी उठा नहीं सागर से...5 उठी अधीर धधक पौरुष की आग राम के शर से...6 सिंधु देह धर त्राहि-त्राहि करता आ गिरा शरण में...7 चरण पूज दासता ग्रहण की बँधा मूढ़ बंधन में...8 सच पूछो तो शर में ही बसती है दीप्ति विनय की...9 संधिवचन संपूज्य उसी का जिसमें शक्ति विजय की...10 निम्नलिखित में कौन अव्यय का प्रकार नहीं है?

Two circles of radii 7cm and 5 cm intersect each other at A and B, the distance between their centres is 10 cm. The length (in cm) of the common chord AB is: दो वृत्त, जिनकी त्रिज्याएँ 7 सेमी तथा 5 सेमी हैं, एक-दूसरे को A और B पर प्रतिच्छेद करते हैं | उनके केंद्रों के बीच की दूरी 10 सेमी है | उभयनिष्ठ जीवा AB की लंबाई ( सेमी में ) कितनी है ?

In a class of 80 students, 60% participate in games and the rest do not. The average weight of the former group is 5% more than that of the latter. If the average weight of all the students is 51 1/2 kg, then what is the average weight (in kg) of the former group? 80 छात्रों की एक कक्षा में, 60% खेलों में भाग लेते हैं तथा शेष खेलों में भाग नहीं लेते हैं | पहले समूह का औसत वज़न दूसरे समूह के औसत वज़न से 5% अधिक है | यदि सभी छात्रों का औसत वज़न 51 1/2 किलो ग्राम है, तो पहले समूह का औसत वज़न ज्ञात करें |

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

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