Home
Class
MATHS
समबाहु तथा समद्विबाहु त्रिभुज को कैसे पह...

समबाहु तथा समद्विबाहु त्रिभुज को कैसे पहचाने? | कक्षा 7 गणित Chapter 6 | Manik Sir | 5 PM | Doubtnut

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A circle is inscribed in a triangle ABC. It touches sides AB, BC and AC at the points P,Q and R respectively. If BP = 6.5 cm, CQ = 4.5 cm and AR = 5.5 cm, then the perimeter (in cm) of the triangle ABC is : एक वृत्त किसी त्रिभुज ABC के भीतर स्थित है | यह भुजाओं AB, BC तथा AC को क्रमशः बिंदु P, Q और R पर स्पर्श करता है | यदि BP = 6.5 सेमी, CQ = 4.5 सेमी और AR = 5.5 सेमी है, तो त्रिभुज ABC का परिमाप ( सेमी में ) क्या होगा ?

A circle is inscribed in triangle ABC , touching AB at P, BC at Q and AC at R. If AR=5 cm, RC= 6 cm and AB=12 cm, then perimeter of triangle ABC is: एक वृत्त किसी त्रिभुज ABC में समाहित है जो AB को P पर, BC को Q पर तथा AC को R पर स्पर्श करता है | यदि AR =5 सेमी और AB = 12 सेमी है, तो त्रिभुज ABC का परिमाप ज्ञात करें |

The given chart shows the number of students in Class 4, Class 5, Class 6 and Class 7 who got first class, second class and failed in the final examination. दिए गए आरेख कक्षा 4, कक्षा 5, कक्षा 6 और कक्षा 7 में उन छात्रों की संख्या को दशशाते हैं, जिन्होंने अंतिम परीक्षा में प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी प्राप्त किया और जो असफल रहे। Which class has the least number of students who passed? किस कक्षा में सबसे कम छात्र उत्तीर्ण हुए हैं?

The given chart shows the number of students in Class 4, Class 5, Class 6 and Class 7 who got first class, second class and failed in the final examination. दिए गए आरेख कक्षा 4, कक्षा 5, कक्षा 6 और कक्षा 7 में उन छात्रों की संख्या को दशशाते हैं, जिन्होंने अंतिम परीक्षा में प्रथम श्रेणी, द्वितीय श्रेणी प्राप्त किया और जो असफल रहे। Which class has the highest number of students who passed? किस कक्षा में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों की संख्या सबसे अधिक है?

A circle is inscribed in a triangle ABC. It touches sides AB, BC and AC at points P, Q and R respectively. If BP = 5cm, CQ = 7 cm and AR = 6 cm, then the perimeter (in cm) of the is triangle ABC is: एक वृत्त किसी त्रिभुज ABC के भीतर स्थित है | यह भुजाओं AB, BC और AC को क्रमशः P, Q और R पर स्पर्श करता है | यदि BP = 5 सेमी, CQ = 7 सेमी और AR = 6 सेमी है, तो त्रिभुज ABC का परिमाप ( सेमी में ) ज्ञात करें |

A circle is inscribed in a triangle ABC. It touches sides AB, BC and AC at points P, Q and R respectively. If BP = 5.4 cm, CQ = 7.3 cm and AR = 6.1 cm, then the perimeter (in cm) of the triangle ABC is : एक वृत्त किसी त्रिभुज ABC के भीतर स्थित है | यह भुजाओं AB, BC और AC को क्रमशः बिंदु P, Q और R पर स्पर्श करता है | यदि BP = 5.4 सेमी, CQ = 7.3 सेमी और AR =6.1 सेमी है, तो त्रिभुज ABC का परिमाप ( सेमी में) ज्ञात करें |

In a circle, AB and DC are two chords. When AB and DC are produced, they meet at P. If PC = 5.6 cm, PB = 6.3 cm and AB = 7.7 cm, the the length of CD is : / एक वृत्त में, AB तथा DC दो जीवाएं है | जब AB और DC को बढ़ाया जाता है, तो वे P पर मिलती हैं | यदि PC = 5.6 सेमी , PB = 6.3 सेमी और AB = 7.7 सेमी है, तो CD की लंबाई ज्ञात करें |

The sides of a triangle are 24cm,45cm and 51cm. At each of its vertices, circles of radius 10.5cm are drawn. What is the area of the triangle, excluding the portion covered by sectors of the circles? ( pi=22/7 ) एक त्रिभुज की भुजाएं 24 सेमी, 45 सेमी तथा 51 सेमी की हैं | इसके प्रत्येक शीर्ष पर 10.5 सेमी त्रिज्या वाले वृत्त खींचे जाते हैं | वृत्त के खंडो द्वारा घेरे गए भाग को छोड़ कर इस त्रिभुज का क्षेत्रफल क्या होगा ?

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति संरक्षक की अनुमति किसके लिए आवश्यक थी?

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति ब्राह्मणों में शिक्षा का प्रारम्भ किस संस्कार से होता था?