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ए, बी, डी, जी, ? | कक्षा 14 | शृंखला | त...

ए, बी, डी, जी, ? | कक्षा 14 | शृंखला | तर्क | संशय

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Study the pie-chart and answer the questions: Break up (degree wise) of students in terms of specialization in different areas(A, B, C, D & E) in an MBA program. The total number of students specialising in A and B exceeds the total number of students specialising in C and D by x, which lies between: पाई-चार्ट का अध्ययन करें और प्रश्नों के उत्तर दें: एमबीए प्रोग्राम में विभिन्न क्षेत्रों (ए, बी, सी, डी एंड ई) में विशेषज्ञता के मामले में छात्रों का ब्रेक अप (डिग्री वार)। ए और बी में विशेषज्ञता वाले छात्रों की कुल संख्या सी और डी में विशेषज्ञता वाले छात्रों की कुल संख्या से अधिक है।

Study the pie-chart and answer the questions: Break up (degree wise) of students in terms of specialization in different areas(A, B, C, D & E) in an MBA program. The number of students specialising in E is what percent more than that of students specialising in C? पाई-चार्ट का अध्ययन करें और प्रश्नों के उत्तर दें: एमबीए प्रोग्राम में विभिन्न क्षेत्रों (ए, बी, सी, डी एंड ई) में विशेषज्ञता के मामले में छात्रों का ब्रेक अप (डिग्री वार)। E में विशेषज्ञता प्राप्त छात्रों की संख्या C में विशेषज्ञता वाले छात्रों से कितने प्रतिशत अधिक है?

In a class of 100 students, every student has passed in one or more of the three subjects, i.e. History, Economics and English. Among all the students , 24 students have passed in English only , 14 students have passed in History only, 11 students have passed in both English and Economics only, and 12 students have passed in both English and History only. A total of 50 students have passed in History. If only 5 students have passed in all three subjects, then how many students have passed in Economics only? 100 छात्रों की एक कक्षा में, प्रत्येक छात्र तीन विषयों यानी इतिहास, अर्थशास्त्र तथा अंग्रेजी में से एक या अधिक विषय में पास हुआ है | सभी छात्रों में से, 24 छात्र केवल अंग्रेजी में पास हुए हैं, 11 छात्र अंग्रेजी तथा अर्थशास्त्र दोनों में पास हुए हैं तथा 12 छात्र केवल अंग्रेजी और इतिहास में पास हुए हैं | इतिहास में कुल 50 छात्र पास हुए हैं | यदि सभी तीन विषयों में केवल 5 ही छात्र पास हुए हैं, तो केवल अर्थशास्त्र में पास करने वाले छात्रों की संख्या कितनी है ?

'किसी को देखने के लिए आँख की नहीं, दृष्टि की आवश्यकता होती है" - स्वामी विवेकानंद का यह कथन इस महिला के जीवन का दर्शन बन गया है। इसी जीवन दर्शन के सहारे उन्होंने एक ओर कठिनाइयों का सामना किया तो दूसरी ओर सफलता का मार्ग ढूँढा और उस पर निर्भयता से बढ़ चली। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं मुंबई की रेवती रॉय की। रेवती रॉय वह महिला हैं जिन्होंने महिलाओं की कठिनाइयों -को-ध्यान में रख केवल उन्हीं की सुविधा के लिए 'फॉरशी' नामक से कैब-सेवा प्रारंभ की। उद्देश्य स्पष्ट था- कामकाजी और जरूरतमंद - महिलाओं को अपने शहर में सुरक्षित सफर का भरोसा देना। यह सेवा उन महिलाओं के लिए वरदान साबित हुई जिन्हें महानगरों में मुँह बाए बैठे अपराधी तत्त्वों या परपीड़ा में आनंद लेने वालों से प्रायः रोज ही जाना पड़ता है। खतरों और आशंकाओं से भी सड़क परिवहन की जिंदगी में कदम रखने का निर्णय लेना रेवती के लिए सरल नहीं था। लेकिन ए कभी-कभी विवशता भी प्रेरणा देती है। ऐसे ही अवसरों पर 'आँख नहीं, दृष्टि' वाला दर्शन प्रेरक होता है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे । पति के इलाज में सारी जमापूँजी चुक जाने के बाद रेवती को अपने अस्तित्व के लिए कुछ-न-कुछ करना था। सो उन्होंने एकदम नया रास्ता, चुना/- कैब के द्वारा महिलाओं को सुरक्षित यात्रा का आश्वासन | कामकाजी महिलाओं को प्रायः नित्य ही जूझना पड़ता है -