Home
Class
PHYSICS - GS
एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता 16m...

एक समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता 16muF है तथा इस पर आवेश 3.2xx 10^(-4) कूलॉम है। आवेश को अपर...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

संधारित्र की धारिता पर परावैद्युत का प्रभाव |समान्तर प्लेट संधारित्र की धारिता |संधारित्रों के संयोजन

The length of the diagonal of a rectangle is 26 cm and one side is 10 cm. The area of the rectangle is: एक आयत के विकर्ण की लंबाई 26 सेमी है तथा इसकी एक भुजा 10 सेमी की है | इस आयत का क्षेत्रफल है:

ABCD is a trapezium. Sides AB and CD. are parallel to each other.AB=6 cm, CD=18cm, BC=8cm and AD=12cm. A line parallel to AB divides the trapezium in two parts of equal perimeter. This line cuts BC at E and AD at F. If BE/EC = AF/FD, than what is the value of BE/EC? ABCD एक सम्लम्ब चतुर्भज है। भुजाएँ AB तथा CD एक दूसरे के समान्तर है। AB=6 सेमी. CD=18 सेमी. BC=8 सेमी. तथा AD= 12 सेमी. है। AB के समान्तर एक रेखा सम्लम्ब को दी बराबर परिमाप वाले हिस्से में काटता है। यह रेखा भुजा BC को E पर तथा AD को F पर काटती है। यदि BE/EC=AF/FD है, तो BE/EC का मान क्या है?

Two articles are sold for Rs.9,720 each. On one, the seller gains 8% and on the other, he loses 10%. What is his overall gain or loss? दो वस्तुएँ 9720 रुपये में एक की दर से बेची जाती हैं | पहली वस्तु पर, विक्रेता को 8% का लाभ होता है तथा दूसरी पर उसे 10% की हानि होती है | उसका कुल लाभ या हानि क्या है ?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। कवि जयदेव का 'वसन्त चित्रण' सुन्दर है, पर मनोहर नही, क्योंकि

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। सौन्दर्य की परख की जाती है