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एक पिण्ड पर निम्न चार बल कार्यरत हैं - (...

एक पिण्ड पर निम्न चार बल कार्यरत हैं - (i) 6 न्यूटन पूर्व की ओर, (ii) 5 न्यूटन उत्तर की ओर, (iii...

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Rana drove 8 miles due west, then 6 miles due north, then 3 miles due east and then 6 more miles due north. The distance between his initial and final position is. राणा ने वाहन को 8 मील पश्चिम की ओर चलाया, फिर 6 मील उत्तर की ओर, फिर 3 मील पूर्व की ओर और फिर 6 मील उत्तर की ओर। उसके आरंभिक स्थान और अंतिम स्थान में दूरी है

Five products, N, L, T, U, and R, are placed in a row facing towards the east (Not necessarily in the same order). T is second to the left of U. N is second to the right of L. R is to the immediate right of U. Which product is at the second position from the north end? पांच उत्पाद N, L, T, U और R एक पंक्ति में पूरब की ओर मुख करके रखे गए हैं | ( ज़रूरी नहीं कि इसी क्रम में ) T, U के बाएं को बार स्थान पर N, L के दायें को दूसरे स्थान पर है | R, U के तुरंत दायें को है | उत्तर की ओर से कौन सा उत्पाद दूसरे स्थान पर है ?

(i) A,B,C,D,E and T are standing in a row facing south. (ii) A is third to the right of E. (iii) C is fourth from one end of the row. (iv) B who is in between A and D, is third to the Left of T. (v) D is at the left end. Which of the following is true? (i) A,B,C,D,E और T दक्षिण की ओर मुख करके एक पंक्ति में खड़े हैं | (ii) A, E के दायें को तीसरा है | (iii) C पंक्ति के एक छोर से चौथा है | (iv) B, जो A और D के बीच है, T के बाएं को तीसरा है | (v ) D बायीं छोर पर है | निम्न में से क्या सही है ?

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!