किसी शहर के मानचित्र पर यह लिखा था \'स्केल 1 सेमी = 110 मी\'। यदि मानचित्र पर किन्हीं दो स्थानों...
किसी शहर के मानचित्र पर यह लिखा था \'स्केल 1 सेमी = 110 मी\'। यदि मानचित्र पर किन्हीं दो स्थानों...
Similar Questions
Explore conceptually related problems
Which of the given options would be a logical sequence of the following places when arranged in a clockwise manner starting from north on India’s Map? निम्नलिखित में से कौन सा विकल्प भारत के मानचित्र पर उत्तर से शुरू होने वाली घड़ी की दिशा में व्यवस्थित होने पर निम्नलिखित स्थानों का एक तार्किक क्रम होगा? 1. Ladakh 2. Goa 3. Puducherry 4. Punjab 5. Odisha
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 1 भू के मानचित्र पर अंकित त्रिभुज, यही क्या तू है? नर के नमश्चरण की दृढ़ कल्पना नहीं क्या तू है? वेदों का ज्ञाता, निगूढ़ताओं का चिर ज्ञानी है, मेरे प्यारे देश! नहीं तू पत्थर है, पानी है। जड़ताओं में छिपे किसी चेतन को नमन करूँ मैं? किसको नमन करूँ मैं भारत! किसको नमन करूँ मैं? तू वह, नर है जिसे बहुत ऊँचा चढ़कर पाया था, तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था, तू वह जिसका ध्यान आज भी मन सुरभित करता है। थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है। गन्ध-निकेतन इस अदृश्य उपवन को नमन करूँ मैं। किसको नमन करूँ मैं भारत ! किसको नमन करूँ मैं। 'तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था' इस पंक्ति में अलंकार है।
हैरानी की बात यह है कि मेरी दलील मित्रों के हलक से नहीं उतरती थी, तब मैं उनसे कहता था-'साहित्य की हर विधा को, हर तरह की लेखनी को मैं बतौर चुनौती स्वीकार करता हूँ। आम आदमी से लेकर खास आदमी तक के हृदय को छूना कोई मामूली बात नहीं होती। यह तो आप भी स्वीकार करेंगे, क्योंकि यह काम सिर्फ रामायण और महाभारत जैसे ग्रन्थ ही कर पाते है। मेरी यह दलील रामबाण सिद्ध होती थी, वे सारे मित्र सोच में पड़ जाते थे, क्योंकि वे केवल किसी भी एक वर्ग के लिए लिख पाते थे- 'मास' के लिए या 'क्लास' के लिए। उनके दायरे सीमित थे लेकिन मैं दायरों के बाहर का शख्स हूँ। शायद इसी कारण मैं आपसे खुलकर अन्तरंग बातें भी कर सकता हूँ। बात कहानी की रचना-प्रक्रिया से आरम्भ की थी। तब मैं 'ओ. हेनरी' की एक कहानी पढ़ता था और भीतर दो नई कहानियों के बीज अपने आप पड़ जाते थे। न कोई मशक्कत, न कोई गहरी सोचा यह प्रोसेस मेरे लिए उतना ही आसान था जितना कि कैरम का खेल। फिर भी ये रचनाएँ कहानी के शिल्प में कहानी विधा के अन्तर्गत लिखी गई पुख्ता किस्सागोई हैं। पर यह किस्सागोई जिन्दगी से अलग नहीं हो सकती। गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 1 भू के मानचित्र पर अंकित त्रिभुज, यही क्या तू है? नर के नमश्चरण की दृढ़ कल्पना नहीं क्या तू है? वेदों का ज्ञाता, निगूढ़ताओं का चिर ज्ञानी है, मेरे प्यारे देश! नहीं तू पत्थर है, पानी है। जड़ताओं में छिपे किसी चेतन को नमन करूँ मैं? किसको नमन करूँ मैं भारत! किसको नमन करूँ मैं? तू वह, नर है जिसे बहुत ऊँचा चढ़कर पाया था, तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था, तू वह जिसका ध्यान आज भी मन सुरभित करता है। थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है। गन्ध-निकेतन इस अदृश्य उपवन को नमन करूँ मैं। किसको नमन करूँ मैं भारत ! किसको नमन करूँ मैं। कवि किसको नमन करना चाहता है?
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 1 भू के मानचित्र पर अंकित त्रिभुज, यही क्या तू है? नर के नमश्चरण की दृढ़ कल्पना नहीं क्या तू है? वेदों का ज्ञाता, निगूढ़ताओं का चिर ज्ञानी है, मेरे प्यारे देश! नहीं तू पत्थर है, पानी है। जड़ताओं में छिपे किसी चेतन को नमन करूँ मैं? किसको नमन करूँ मैं भारत! किसको नमन करूँ मैं? तू वह, नर है जिसे बहुत ऊँचा चढ़कर पाया था, तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था, तू वह जिसका ध्यान आज भी मन सुरभित करता है। थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है। गन्ध-निकेतन इस अदृश्य उपवन को नमन करूँ मैं। किसको नमन करूँ मैं भारत ! किसको नमन करूँ मैं। कविता में 'पानी' का भावार्थ है
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 1 भू के मानचित्र पर अंकित त्रिभुज, यही क्या तू है? नर के नमश्चरण की दृढ़ कल्पना नहीं क्या तू है? वेदों का ज्ञाता, निगूढ़ताओं का चिर ज्ञानी है, मेरे प्यारे देश! नहीं तू पत्थर है, पानी है। जड़ताओं में छिपे किसी चेतन को नमन करूँ मैं? किसको नमन करूँ मैं भारत! किसको नमन करूँ मैं? तू वह, नर है जिसे बहुत ऊँचा चढ़कर पाया था, तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था, तू वह जिसका ध्यान आज भी मन सुरभित करता है। थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है। गन्ध-निकेतन इस अदृश्य उपवन को नमन करूँ मैं। किसको नमन करूँ मैं भारत ! किसको नमन करूँ मैं। भारत की विशेषता है
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 1 भू के मानचित्र पर अंकित त्रिभुज, यही क्या तू है? नर के नमश्चरण की दृढ़ कल्पना नहीं क्या तू है? वेदों का ज्ञाता, निगूढ़ताओं का चिर ज्ञानी है, मेरे प्यारे देश! नहीं तू पत्थर है, पानी है। जड़ताओं में छिपे किसी चेतन को नमन करूँ मैं? किसको नमन करूँ मैं भारत! किसको नमन करूँ मैं? तू वह, नर है जिसे बहुत ऊँचा चढ़कर पाया था, तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था, तू वह जिसका ध्यान आज भी मन सुरभित करता है। थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है। गन्ध-निकेतन इस अदृश्य उपवन को नमन करूँ मैं। किसको नमन करूँ मैं भारत ! किसको नमन करूँ मैं। 'थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है' इस पंक्ति का आशय है
दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 1 भू के मानचित्र पर अंकित त्रिभुज, यही क्या तू है? नर के नमश्चरण की दृढ़ कल्पना नहीं क्या तू है? वेदों का ज्ञाता, निगूढ़ताओं का चिर ज्ञानी है, मेरे प्यारे देश! नहीं तू पत्थर है, पानी है। जड़ताओं में छिपे किसी चेतन को नमन करूँ मैं? किसको नमन करूँ मैं भारत! किसको नमन करूँ मैं? तू वह, नर है जिसे बहुत ऊँचा चढ़कर पाया था, तू वह, जो सन्देश भूमि का अम्बर से लाया था, तू वह जिसका ध्यान आज भी मन सुरभित करता है। थकी हुई आत्मा में उड़ने की उमंग भरता है। गन्ध-निकेतन इस अदृश्य उपवन को नमन करूँ मैं। किसको नमन करूँ मैं भारत ! किसको नमन करूँ मैं। 'त्रिभुज' शब्द में समास है
ABCD is a trapezium. Sides AB and CD. are parallel to each other.AB=6 cm, CD=18cm, BC=8cm and AD=12cm. A line parallel to AB divides the trapezium in two parts of equal perimeter. This line cuts BC at E and AD at F. If BE/EC = AF/FD, than what is the value of BE/EC? ABCD एक सम्लम्ब चतुर्भज है। भुजाएँ AB तथा CD एक दूसरे के समान्तर है। AB=6 सेमी. CD=18 सेमी. BC=8 सेमी. तथा AD= 12 सेमी. है। AB के समान्तर एक रेखा सम्लम्ब को दी बराबर परिमाप वाले हिस्से में काटता है। यह रेखा भुजा BC को E पर तथा AD को F पर काटती है। यदि BE/EC=AF/FD है, तो BE/EC का मान क्या है?
In a circle of radius 10 cm, PQ and RS are two parallel chords of length 16 cm and 12 cm respectively. What is the distance between the chords if they are on opposite sides of the centre? त्रिज्या 10 सेमी के एक वृत्त में, PQ और RS क्रमशः 16 सेमी और 12 सेमी लंबाई के दो समानांतर जीवा हैं। यदि वे केंद्र के विपरीत किनारों पर हैं, तो जीवा के बीच की दूरी कया है?
Recommended Questions
- किसी शहर के मानचित्र पर यह लिखा था \'स्केल 1 सेमी = 110 मी\'। ...
Text Solution
|
- डार्विन के जैव-विकास के सिद्धांत में सबसे बड़ी कमी किस चीज की जानकारी न...
Text Solution
|
- 1 xx 10^(7) " मी"^(2) अनुप्रस्थ काट वाल तार में 3.6 ऐम्पियर की ...
Text Solution
|
- एक 220 वोल्ट- 100 वाट का बल्ब 110 वोल्ट के स्त्रोत से जुड़ा हैं।...
Text Solution
|
- समस्याओ में रेखिक समीकरण युग्म बनाइए और उनके हल प्रतिस्थापन विधि द्...
Text Solution
|
- समस्याओ में रेखिक समीकरणों के युग्म बनाइए और उनके हल (यदि उनका ...
Text Solution
|
- एक मित्र दूसरे से कहता है कि 'यदि मुझे एक सौ दे दो, तो मैं आपसे दो गुन...
Text Solution
|
- निम्न आंकड़ों की सहायता से अनंत तनुता पर CaCl(2) तथा MgSO(4) की आण्विक ...
Text Solution
|
- अनंत तनुता पर Ba(OH)(2),BaCl(2) तथा NH(4)Cl की मोलर चालकताएँ क्रमशः ...
Text Solution
|