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303समान्तर श्रेढ़ी3 ,8 ,13,.......,43मेंक...

303समान्तर श्रेढ़ी3 ,8 ,13,.......,43मेंका कौन सा पदहै | 10 | समान्तर श्रेढ़ी | MATHS | RD SHARMA...

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बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति 'प्रासंगिक' शब्द में कौन-सा प्रत्यय है?

Which of the following statement(s) is/are true? निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सत्य है? I. sqrt 1+sqrt2+sqrt3+ sqrt4+ sqrt5+ sqrt6 >10 II. sqrt((10))+sqrt((12))+sqrt((14))>3 sqrt ((13))

(i) The 3rd and 19th terms of an A.P. are 13 and 17 respectively. Find its 10th term. (ii) The 5th and 8th terms of an A.P. are 56 and 95 respectively. Find its 25th term.

Bohr proposed his atomic model based on Planck's quantum theory and derived following relation for one electron system in C.G.S units : For H-atom : r_n =n_2 xx r_2 , E_n = E_1 xx Z^2 , u_n = u_1 /n , r_1 = 0.529 overset(@)(A) , u_1 = 2. 19 xx 10^8 cm //sec . , E_1 =- 13. 6 eV . For 1 elecron systems . ther than (H) . r_n = ( n^2 xx r_(1H))/X , E_n = (E_(1H)xx Z^2)/(n^(2)) , u_n = (u_(1H)xxZ)/n Later on de-Broglie propsed the dual nature of elecrron and put forwared his wave concept . The wavelnght of electron in an orbit was given by lambda // mu . The momentum of electron in 3rd Bohr orbit fo H-atom is :

Bohr proposed his atomic model based on Planck's quantum theory and derived following relation for one electron system in C.G.S units : For H-atom : r_n =n_2 xx r_2 , E_n = E_1 xx Z^2 , u_n = u_1 /n , r_1 = 0.529 overset(@)(A) , u_1 = 2. 19 xx 10^8 cm //sec . , E_1 =- 13. 6 eV . For 1 elecron systems . ther than (H) . r_n = ( n^2 xx r_(1H))/X , E_n = (E_(1H)xx Z^2)/(n^(2)) , u_n = (u_(1H)xxZ)/n Later on de-Broglie propsed the dual nature of elecrron and put forwared his wave concept . The wavelnght of electron in an orbit was given by lambda // mu . The potential ergy fo electro in 3rd Bohr orbit of H-atom is :

Bohr proposed his atomic model based on Planck's quantum theory and derived following relation for one electron system in C.G.S units : For H-atom : r_n =n_2 xx r_2 , E_n = E_1 xx Z^2 , u_n = u_1 /n , r_1 = 0.529 overset(@)(A) , u_1 = 2. 19 xx 10^8 cm //sec . , E_1 =- 13. 6 eV . For 1 elecron systems . ther than (H) . r_n = ( n^2 xx r_(1H))/X , E_n = (E_(1H)xx Z^2)/(n^(2)) , u_n = (u_(1H)xxZ)/n Later on de-Broglie propsed the dual nature of elecrron and put forwared his wave concept . The wavelnght of electron in an orbit was given by lambda // mu . The circumfenerc ( in m0 if 3rd bohr obit in H-atom is :

Bohr proposed his atomic model based on Planck's quantum theory and derived following relation for one electron system in C.G.S units : For H-atom : r_n =n_2 xx r_2 , E_n = E_1 xx Z^2 , u_n = u_1 /n , r_1 = 0.529 overset(@)(A) , u_1 = 2. 19 xx 10^8 cm //sec . , E_1 =- 13. 6 eV . For 1 elecron systems . ther than (H) . r_n = ( n^2 xx r_(1H))/X , E_n = (E_(1H)xx Z^2)/(n^(2)) , u_n = (u_(1H)xxZ)/n Later on de-Broglie propsed the dual nature of elecrron and put forwared his wave concept . The wavelnght of electron in an orbit was given by lambda // mu . The wavelnght 9 in m^(-1)) of moving electron in 3rd orbit of H-atom is :