Home
Class
CHILD DEVELOPMENT AND PEDAGOGY
यदि किसी तार की अपनी मूल लंबाई घटकर आधी ...

यदि किसी तार की अपनी मूल लंबाई घटकर आधी रह जाती है, तो वह अधिकतम लोड, जो यह तार बिना टूटे सहन कर...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

If the length of a rectangle is increased by 40% and the breadth is decreased by 20%, then the area of the rectangle is increased by x%. The value of x is: यदि किसी आयत की लंबाई 40% बढ़ा दी जाती है तथा चौड़ाई 20% कम कर दी जाती है, तो इस आयत का क्षेत्रफल x % बढ़ जाता है | x का मान है :

If the length of a rectangle is increased by 40% and the breadth is decreased by 20%, then the area of the rectangle is increased by x%. The value of x is: यदि किसी आयत की लंबाई 40% बढ़ा दी जाती है तथा चौड़ाई 20% कम कर दी जाती है, तो इस आयत का क्षेत्रफल x % बढ़ जाता है | x का मान है :

If he length of a rectangle is increased by 12% and the breadth is decreased by 8%, the net effect on the area is: यदि आयत की लंबाई 12% बढ़ जाती है और चौड़ाई 8% कम हो जाती है, तो क्षेत्रफल पर शुद्ध प्रभाव इस प्रकार है:

The length of a cuboid is double of its breadth and its height is half of its breadth. If the height of the cuboid is 2 cm, then what will be the edge of a cube whose volume is the same as that of the cuboid mentioned above ? किसी घनाभ की लम्बाई अपनी चौड़ाई की दोगुनी है तथा उसकी ऊंचाई, उसकी चौड़ाई की आधी है | यदि घनाभ की ऊंचाई 2 cm है, तब किसी घण का कोर (एज) कितना होगा जिसका आयतन उक्त घनाभ के समान है ?

निर्देश: गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह समर्पण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किन्तु कुछ लोग अंधकार के स्वीकार से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत् उपक्रम बन जाता है। "..... और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है।" वाक्य में निपात है-

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भांति अशभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किन्तु कुछ लोग अंधकार के स्वीकार से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत उपक्रम बन जाता है। "..... और अंधकार की ही भांति अशुभ और अनीति है।" वाक्य में निपात है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किंतु कुछ लोग अंधकार को स्वीकार करने से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत् उपक्रम बन जाता है। इस गद्यांश में 'उपक्रम' का अर्थ है