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एक वर्गाकार प्लेट गर्महोने के कारण फैल र...

एक वर्गाकार प्लेट गर्महोने के कारण फैल रही है| यह हर समय वर्गाकार रहती है और इसकी भुजा प्रति मिन...

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The perimeter of a square plot is the same as that of a rectangular plot with sides 35 m and 15 m. The side of the square plot is/ एक वर्गाकार भूखंड क परिमाप उतना ही है जितना परिमाप एक आयताकार भूखंड का है जिसकी भुजाएँ 35 मीटर तथा 15 मीटर हैं | वर्गाकार भूखंड की भुजा है:

A train.s average speed is 72 km/h but is reduced to 60 km/h due to stoppages. For how much time does the train stop in an hour? एक ट्रेन की औसत चाल 72 किमी/घंटा है लेकिन रुकने के कारण यह कम हो कर 60 किमी/घंटा रह जाती है | एक घंटे में ट्रेन कितने समय के लिए रूकती है ?

The base of a triangle is equal to the perimeter of a square whose diagonal is 6 sqrt 2 cm , and its height is equal to the side of a square whose area is 144 cm^2 . The area of the triangle (in cm^2 ) is : एक त्रिभुज का आधार, एक वर्ग की परिधि के बराबर है जिसका विकर्ण 6 sqrt 2 सेमी है, और इसकी ऊंचाई एक वर्ग के भुजा के बराबर है जिसका क्षेत्रफल 144 cm^2 है। त्रिभुज का क्षेत्रफल ( cm^2 में):

The sequence of folding a piece of square paper and the manner in which the folded paper has been cut is shown in the figure X, Y and Z. How would this paper look when unfolded? एक वर्गाकार कागज़ को मोड़ने का क्रम और फिर मुड़े हुए कागज़ को काटने का तरीका आकृति X, Y और Z में दर्शाया गया है | खुलने के बाद यह कागज़ कैसा दिखेगा ?

A regular squred pyramid has side of its base 20cm and height 45cm is meited and recast into regular triangular pyramids of equailateral base of side 10cm and height 10 sqrt3 . What are the total numbers of regular triangular pyramid? एक सम वर्गाकार पिरमिड जिसके आधार की भुजा 20 से.मी. तथा ऊँचाई 45 से.मी. है, को पिघलाकर सम त्रिभुजाकार पिरामिड में ढाला जाता है जिसके समबाहु आधार की भुजा 10 से.मी. तथा ऊँचाई 10 sqrt3 से.मी. है। सम त्रिभुजाकार पिरमिडो की कुल संख्या क्या है?

आदमी की तलाश' - यह स्वर अकसर सुनने को मिलता है। यह भी सुनने को मिलता है। कि आज आदमी, आदमी नहीं रही। इन्हीं स्थितियों के बीच दार्शनिक राधाकृष्णन की इन पंक्तियों का स्मरणः । हो आया - "हमने पक्षियों की तरह उड़ना और मछलियों कीतरह । तैरना तो सीख लिया है, पर मनुष्य की तरह पृथ्वी पर चलना और जीना नहीं सीखा।' जिंदगी के सफर में नैतिक और मानवीय उद्देश्यों के प्रति मन । में अटूट विश्वास होना जरूरी है। कहा जाता है - आदमी नहीं/// चलता, उसक विश्वास चलता है। आत्मविश्वास सभी गुणों को एक । जगह बाँध देता है, यानी कि विश्वास की रोश्नी में मनुष्य का संपूर्ण और व्यक्तित्व और आदर्श उजागर होता है। गेटे की प्रसिद्ध उक्ति है कि जब कोई आदमी ठीक काम करता है, तो उसे पता तक नहीं चलता कि वह क्या कर रहा है, पर गलत फाा करते समय उसे हर क्षण र यह ख्याल रहता है कि वह जो कर रहा है, वह गलत है! गलत को गलत मानते हुए भी इंसान गलत किए जा रहा है। इसी कारण समस्याओं एवं अँधेरों के अंबार लगे हैं। लेकिन ऐसा ही नहीं है। कुछ अच्छे लोग भी हैं, शायद उनकी अच्छाइयों के कारण ही जीवन ? बचा हुआ है। ऐसे लोगों ने नैतिकता और सच्चरित्रता का खिताब ओढ़ा नहीं, उसे जीकर दिखाया। वे भाग्य और नियति के हाथों खिलौना बनकर नहीं बैठे, स्वयं के पसीने से अपना भाग्य लिखा। महात्मा गांधी ने इसीलिए कहा कि हमें वह परिवर्तन खुद बनना चाहिए, जिसे हम संसार में देखना चाहते हैं। जरूरत है कि हम दर्पण जैसा जीवन जीना सीखें। उन सभी खिड़कियों को बंद कर दें, जिनसे आने वाली गंदी हवा इंसान को इंसान नहीं रहने देती। मनुष्य के व्यवहार में मनुष्यता को देखा जा सके, यही आदमी की तलाश' है। अनुचित कार्य करते समय मनुष्य को -