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यहाँ दर्शाएगए चित्र द्वारा प्रदर्शित A तथा B के फलन X के लिए सत्य सरणी बनाइए | CLASS 12 | इलेक्ट...

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Class 12th में पास होने के लिए बस इतना पढ़ लो

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए: गांधीजी सत्य और अहिंसा को जीवन में सर्वाधिक महत्व देते थे, सत्याग्रह व असहयोग आंदोलन द्वारा उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया। गांधीजी सब मनुष्यों को समान मानते थे। धर्म, जाति, संप्रदाय, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को वे मानवता का कलंक मानते थे। वे आर्थिक असमानता को भी मिटा डालना चाहते थे। सामाजिक न्याय, शारीरिक श्रम को महत्व देते थे। गांधीजी प्रजातांत्रिक राज्य को कल्याणकारी मानते थे। गांधीजी के अनुसार, नैतिक आचरण का जीवन में विशेष स्थान होना चाहिए। सत्य, न्याय, धर्म, अहिंसा, अपरिग्रह, निःस्वार्थ सेवा को मानवता के लिए सच्ची सेवा मानते थे। उनके राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विचारों में वसुधैव कुटुम्बकम का दृष्टिकोण प्रमुख था। उनकी मान्यता थी कि किसी राष्ट्र का समुचित उत्थान अपने परिवार, जाति, गांव, प्रदेश तथा देश की समस्याओं के सुधार से हो सकता है। स्वयं को सुधारों, सारा विश्व सुधरेगा उनका कहना सही था। निम्न में से स्त्रीलिंग कौन-सा है?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 81 से 85 तक के उत्तर दीजिए: गांधीजी सत्य और अहिंसा को जीवन में सर्वाधिक महत्व देते थे, सत्याग्रह व असहयोग आंदोलन द्वारा उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया। गांधीजी सब मनुष्यों को समान मानते थे। धर्म, जाति, संप्रदाय, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को वे मानवता का कलंक मानते थे। वे आर्थिक असमानता को भी मिटा डालना चाहते थे। सामाजिक न्याय, शारीरिक श्रम को महत्व देते थे। गांधीजी प्रजातांत्रिक राज्य को कल्याणकारी मानते थे। गांधीजी के अनुसार, नैतिक आचरण का जीवन में विशेष स्थान होना चाहिए। सत्य, न्याय, धर्म, अहिंसा, अपरिग्रह, निःस्वार्थ सेवा को मानवता के लिए सच्ची सेवा मानते थे। उनके राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विचारों में वसुधैव कुटुम्बकम का दृष्टिकोण प्रमुख था। उनकी मान्यता थी कि किसी राष्ट्र का समुचित उत्थान अपने परिवार, जाति, गांव, प्रदेश तथा देश की समस्याओं के सुधार से हो सकता है। स्वयं को सुधारों, सारा विश्व सुधरेगा उनका कहना सही था। सत्याग्रह' में कौन-सी सन्धि है?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 81 से 85 तक के उत्तर दीजिए: गांधीजी सत्य और अहिंसा को जीवन में सर्वाधिक महत्व देते थे, सत्याग्रह व असहयोग आंदोलन द्वारा उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया। गांधीजी सब मनुष्यों को समान मानते थे। धर्म, जाति, संप्रदाय, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को वे मानवता का कलंक मानते थे। वे आर्थिक असमानता को भी मिटा डालना चाहते थे। सामाजिक न्याय, शारीरिक श्रम को महत्व देते थे। गांधीजी प्रजातांत्रिक राज्य को कल्याणकारी मानते थे। गांधीजी के अनुसार, नैतिक आचरण का जीवन में विशेष स्थान होना चाहिए। सत्य, न्याय, धर्म, अहिंसा, अपरिग्रह, निःस्वार्थ सेवा को मानवता के लिए सच्ची सेवा मानते थे। उनके राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विचारों में वसुधैव कुटुम्बकम का दृष्टिकोण प्रमुख था। उनकी मान्यता थी कि किसी राष्ट्र का समुचित उत्थान अपने परिवार, जाति, गांव, प्रदेश तथा देश की समस्याओं के सुधार से हो सकता है। स्वयं को सुधारों, सारा विश्व सुधरेगा उनका कहना सही था। 'अ' उपसर्ग है

A sum of Rs. x is divided among A , B and C such that the ratio of shares of A and B is 7: 12 and that of B and C 1s 8: 5. If the difference in the shares of A and C is Rs. 214 , then the value of x is: x रुपये की राशि A , B और C में इस प्रकार विभाजित की जाती है कि A और B के हिस्से का अनुपात 7 : 12 है और B तथा C के हिस्से का अनुपात 8 : 5 है | यदि A और C के हिस्सों में 214 रुपये का अंतर है, तो x का मान ज्ञात करें |