निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। समूची स्वार्थी व अहं-प...
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निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेदका को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। स्योम्का और फेदका हैं।
निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जहाँ तक मैं समझता हूँ, मेरी आत्मिक शक्तियों के विकास में बार्सीलोना और उसके निवासियों का सबसे सुंदर चित्रण भी सहायक नहीं हो सकता था। स्योम्का और फेदका को पीटर्सबर्ग के जलमार्गों को जानने की क्या जरूरत है, अगर जैसी कि संभावना है, वे वहां कभी नहीं जा पाएँगे अगर स्योम्का का वहां कभी जाना होगा भी, तो उसे इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा कि उसने यह स्कूल में पढ़ा था या नहीं, क्योंकि तब इन जलमार्गों को वह व्यवहार में जान ही जाएगा और अच्छी तरह जान जाएगा। मैं नहीं समझ सकता कि उसकी आत्मिक शक्तियों के विकास में इस बात की जानकारी से कोई मदद मिल सकती है कि वोल्गा में सन से लदे जहाज नीचे की ओर जाते हैं और अलकतरे से लदे जहाज ऊपर की ओर, कि दुबोब्का नाम का एक बंदरगाह है कि सामोयेद लोग बारहसिंगा गाड़ियों पर सफर करते हैं, वगैरह-वगैरह। 'फर्क' का समानार्थी है-
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचाती जीवन को परखती पहुँचती हैं वहाँ, जहाँ कोई नहीं पहुंचा कभी चींटियों से पहले। संकेतों में करती हैं, वे शब्द संधान रास्ता नहीं भूलतीं कभी स्मृति में रखती हैं संजोकर दोस्त और दुश्मन के चेहरे बिखरती हैं कभी-कभार वे मगर हर बार नए सिरे टटोलती हैं वे पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई गंध फिर से एकजुट होते हुए। चींटियाँ आपस में बातचीत कैसे करती हैं?
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। चीटियाँ ईर्ष्यालु नहीं होती दौड़ती भागती एक-दूसरे को संदेश पहुँचाती जीवन को परखती पहुँचती हैं वहाँ, जहाँ कोई नहीं पहुंचा कभी चींटियों से पहले। संकेतों में करती हैं, वे शब्द संधान रास्ता नहीं भूलतीं कभी स्मृति में रखती हैं संजोकर दोस्त और दुश्मन के चेहरे बिखरती हैं कभी-कभार वे मगर हर बार नए सिरे टटोलती हैं वे पूर्वजों द्वारा छोड़ी गई गंध फिर से एकजुट होते हुए। चींटियों के स्वभाव में नहीं है-
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। कविता की पंक्तियों के अनुसार कविता किसके पक्ष में खड़ी है ?
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। ऊँचे से ऊँचे सपनों को निमंत्रण देने का भाव है-
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। 'सीधी रीढ़' का आशय है-
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। नहीं झुका करते जो दुनिया से करने को समझौता, ऊँचे से ऊँचे सपनों को देते रहते जो न्योता, दूर देखती जिनकी पैनी आँख भविष्यत् का तम चीर, मैं हूँ उनके साथ खड़ी जो सीधी रखते अपनी रीढ़। "नहीं झुका करते जो दुनिया से" पंक्ति में किसके सामने न झुकने की बात की गई है ?
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। सदियों की ठंडी-बुझी राख सुगबुगा उठी मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है, दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिहासन खाली करो कि जनता आती है। जनता, हाँ, मिट्टी की अबोध मूरतें वही, जाड़े-पाले की कसक सदा सहने वाली जब अंग-अंग में लगे साँप हों चूस रहे, तब भी न कभी मुँह खोल दर्द कहने वाली| 'सुगबुगा उठना' का अर्थ है
निर्देशः कविता को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प का चयन कीजिए। सदियों की ठंडी-बुझी राख सुगबुगा उठी मिट्टी सोने का ताज पहन इठलाती है, दो राह, समय के रथ का घर्घर-नाद सुनो सिहासन खाली करो कि जनता आती है। जनता, हाँ, मिट्टी की अबोध मूरतें वही, जाड़े-पाले की कसक सदा सहने वाली जब अंग-अंग में लगे साँप हों चूस रहे, तब भी न कभी मुँह खोल दर्द कहने वाली| 'साँप' किसकी ओर संकेत करता है ?