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सिद्ध कीजिए कि पृथ्वी तल से ऊपर किसी स्थ...

सिद्ध कीजिए कि पृथ्वी तल से ऊपर किसी स्थान पर गुरुत्वीय त्वरण का मान, पृथ्वी के केंद्र से उस स्थ...

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An aeroplane flying horizontally at a height of 3 Km. above the ground is observed at a certain point on earth to subtend an angle of 60^@ . After 15 sec flight, its angle of elevation is changed to 30^@ . The speed of the aeroplane (taking sqrt3 = 1.732) is- कोई वायुयान पृथ्वी की सतह से 3 कि.मी. ऊपर क्षेतिज उड़ रहा है। पृथ्वी से किसी बिन्दु से यह देखने में आता है कि वह 60^@ के कोण पर कक्षांतरित होता है। 15 सेकण्ड बाद उसका उन्नयन कोण 30^@ परिवर्तित हो जाता हैं वायुयान की चाल बताइए। ( sqrt3 =1.732)

Five articles, bat, ball, fan, table and chair, are kept one above the other (not necessarily in the same order). The bat is four places above the fan. The table is between the ball and the chair. The chair is three places below the bat. Which article is at the second position from the top? पांच वस्तुओं यथा, बल्ला, गेंद, पंखा, मेज और कुर्सी, को एक के ऊपर एक रखा गया है लेकिन ज़रूरी नहीं कि इसी क्रम में | बल्ला पंखे से चार स्थान ऊपर है | मेज, गेंद तथा कुर्सी के बीच है | कुर्सी, बल्ले से तीन स्थान नीचे है | कौन सी वस्तु ऊपर से दूसरे स्थान पर है ?

Select the correct combination of mathematical signs that can sequentially replace the * signs from left to right to balance the following equation. गणितीय चिह्नों के सही संयोजन का चयन कीजिए जिन्हें * के स्थान पर बाएँ से दाएँ के क्रम में क्रमिक रूप से रखा जा सकता है ताकि यह समीकरण संतुलित हो जाए? 24*12*35*24*6*319

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 16 भाग्यवाद आवरण पाप का और शस्त्र शोषण का जिससे दबाता एक जन भाग दूसरे जन का पूछो किसी भाग्यवादी से यदि विधि अंक प्रबल है, पद पर क्यों देती न स्वयं वसुधा निज रतन उगल है? उपजाता क्यों विभव प्रकृति को सींच-सींच वह जल से क्यों न उठा लेता निज सचित अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा भाग्यवाद के छल से। नर समाज का भाग्य एक है वह श्रम, वह भुज-बल है। जिसके सम्मुख झुकी हुई है। पृथ्वी, विनीत नभ-तल है। नर समाज का भाग्य क्या है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 16 भाग्यवाद आवरण पाप का और शस्त्र शोषण का जिससे दबाता एक जन भाग दूसरे जन का पूछो किसी भाग्यवादी से यदि विधि अंक प्रबल है, पद पर क्यों देती न स्वयं वसुधा निज रतन उगल है? उपजाता क्यों विभव प्रकृति को सींच-सींच वह जल से क्यों न उठा लेता निज सचित अर्थ पाप के बल से, और भोगता उसे दूसरा भाग्यवाद के छल से। नर समाज का भाग्य एक है वह श्रम, वह भुज-बल है। जिसके सम्मुख झुकी हुई है। पृथ्वी, विनीत नभ-तल है। भाग्यवाद क्या है?