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पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई | कक्षा 1...

पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति हुई | कक्षा 11 | जीव और जनसंख्या | जीव विज्ञान | संशय

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जीव विज्ञान की शाखाएँ

जीव विज्ञान |OMR|जीव विज्ञान की शाखाएँ

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Revision|पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ती कैसे हुई|ओपेरिन सिद्धांत या जीवन की उत्पत्ति का जैव रासायनिक सिद्धांत |चरण |स्टैनले मिलर का प्रयोग|OMR

जीव विज्ञान |सजीवों का अध्ययन |जीव विज्ञान की शाखाएं |OMR

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विकास|जीवन की उत्पत्ति|पहली कोशिका और जीवन|पुराजीवी प्रमाण|OMR|Summary

विज्ञान क्या है?|विज्ञान के मुख्य भाग |भौतिक विज्ञान क्या है |भौतिक विज्ञान से संबंधित संकल्पनाएं |भौतिक का प्रयोजन तथा उत्तेजना |कक्षा 11वी भौतिकी का पाठ्यक्रम |भौतिक विज्ञान की उत्तेजना |प्रकृति के मूल बल |Summary

पर्यावरण प्रदूषण आज विश्वव्यापी समस्या है। वर्तमान एवं आने वाले दशकों में पृथ्वी की सम्पदा पर अधिक दबाव होगा। इस समस्या का मूल कारण है जनसंख्या की तीव्र गति से वृद्धि, प्रदूषण एवं उपलब्ध साधनों का अधिकतम प्रयोग। सहस्राब्दियों तक मनुष्य ने प्राकृतिक साधनों के साथ अपनी संगति को कायम रखा है। मानवीय सभ्यता और प्राकृतिक वैभव की युगल-बन्दी चलती रही। मनुष्य तो प्रकृति का आराधक था। प्रकृति के अनुपम सौन्दर्य का उसने सुख लिया, उसके छलछलाते स्नेह से अपने को आप्लावित किया और उसके सुर से सुर मिलाकर जीवन के संगीत की रचना की, परन्तु आश्चर्य है कि आज मनुष्य अपनी लालसा, गुणात्मक जीवन और भौतिक सुख-सुविधा के लिए प्राकृतिक सम्पदाओं का दोहन व्यवस्थित रूप से नहीं करते हुए संरक्षण करने के बदले प्रकृति का निजी स्वार्थ हेतु विध्वन्स करने में लग गया है। आज विनाश की जो पटकथा लिखी जा रही है, उसके पीछे लालच, लूट-खसोट और लिप्सा की दृष्टि उत्तरदायी है। आज गुमराह इन्सान प्रकृति के पाँचों तत्त्वों से छेड़खानी कर रहा है। प्रकृति न तो पाषाणी है और न मूकदर्शिनी। उसे बदला लेना आता है। प्रकृति की त्यौरियाँ और तेवर बता रहे हैं कि वह बदला लेने पर आमादा है। दोनों तरफ मोर्चे खुल चुके हैं जाने कब क्या हो जाए। वन-विनाश, अन्धाधुन्ध प्रदूषण, संसाधनों का अनर्गल शोषण, नाभिकीय अस्त्रों की मूर्खतापूर्ण अन्धी दौड़ और औद्योगिक या प्रौद्योगिक उन्नति के नाम पर प्रकृति से अधिक छेड़छाड़ एवं हवा, पानी और मिट्टी जैसे प्राकृतिक साधनों के दुरुपयोग ने मनुष्य जाति को ही नहीं, सम्पूर्ण जीव-जड़ को विनाश के कगार पर खड़ा कर दिया है। किस समस्या का मूल कारण जनसंख्या वृद्धि है?