Home
Class
GUIDANCE
एक पिण्ड पर 25 न्यूटन का बल 0.1 से. तक क...

एक पिण्ड पर 25 न्यूटन का बल 0.1 से. तक कार्य करता है। बल का आवेग न्यूटन से. में होगा : | 12 | प...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

दर्पण सूत्र न्यूटन का सूत्र एक दर्पण की शक्ति पर प्रश्न

न्यूटन के गति का प्रथम नियम|बल|संवेग|OMR|Summary

न्यूटन के गति का प्रथम नियम|बल|संवेग|OMR|Summary

Revision |न्यूटन की गति का प्रथम नियम|संवेग |आवेग और संवेग में सम्बन्ध

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'पूर्वज' का विलोम शब्द है