Home
Class
MATHS
एक व्यक्ति का मासिक वेतन 50,000 रुपए था।...

एक व्यक्ति का मासिक वेतन 50,000 रुपए था। वह इसको तीन मदों पर व्यय करता थाव्यक्तिगत और पारिवारिक ...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

The monthly salary of a person was ₹ 50,000. He used to spend on family expenses(E), Taxes(T), charity(C), and the rest were his savings, E was 60% of the income, T was 20% of E, and C was 15% of T. When his salary got raised by 40%, he maintainedthe percentage level of E, but T becomes 30% of E, and C becomes 20% of T. The difference between two savings (in Rs) is: एक का मासिक वेतन ₹50,000 था। वह परिवार के खर्च (E), कर (T), दान (C) पर खर्च करता था और बाकी उसकी बचत थी। E आय का 60% था, T, E का 20% था, और C, T का 15% था। । जब उसका वेतन 40% बढ़ा, तो उसने E का प्रतिशत स्तर बनाए रखा, लेकिन T, E का 30% हो गया, और C, T का 20% हो गया। दोनों बचत के बीच का अंतर (रु में) है:

The monthly salary of a person was 75,000. He used to spend on family expenses(E), Taxes(T), charity(C), and the rest were his savings, E was 60% of the income, T was 20% of E, and C was 15% of T. When his salary got raised by 40%, he maintained the percentage level of E, but T becomes 30% of E and C becomes 20% of T. The ratio of the saving of earlier to that of his present salary is: एक का मासिक वेतन ₹50,000 था। वह परिवार के खर्च (E), कर (T), दान (C) पर खर्च करता था और बाकी उसकी बचत थी। E आय का 60% था, T, E का 20% था, और C, T का 15% था। जब उसका वेतन 40% बढ़ा, तो उसने E का प्रतिशत स्तर बनाए रखा, लेकिन T, E का 30% हो गया, और C, T का 20% हो गया। उसकी पहले की बचत तथा वर्तमान बचत में क्या अनुपात है?

A person’s salary has increased from Rs.7,000 to Rs.12,000. What is the percentage increase in his salary ? एक व्यक्ति का वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 12,000 रुपये हो गया है। उसके वेतन में प्रतिशत वृद्धि क्या है?

A person’s salary increased from ₹8,100 to ₹9,000. What is the percentage increase in his salary? एक व्यक्ति का वेतन ₹8,100 से बढ़कर ₹9,100 हो गया। उसके वेतन में प्रतिशत वृद्धि क्या है?

A man spends a part of his monthly income and saves the rest. The ratio of his expenditure to the saving is 61: 6. If his monthly income is t 8710, the amount of his monthly savings is/एक व्यक्ति अपनी मासिक आय का कुछ भाग खर्च करता है और बाकी की बचत करता है। उसके व्यय और बचत का अनुपात 61:6 है। यदि उसकी मासिक आय ₹ 8710 हो, तो उसकी मासिक बचत की राशि कितनी है ?

A person invested a total of ₹ 9,000 in three parts at 3%, 4% and 6% per annum on simple interest. At the end of a year, he received equal interest in all three cases. The amount invested at 6% is: एक व्यक्ति साधारण ब्याज पर ₹ 9,000 को तीन भाग में 3%, 4% और 6% की दर से निवेश करता है। एक वर्ष के अंत में, उसे तीनों मामलों में समान ब्याज प्राप्त हुआ। 6% पर निवेशित राशि कितनी है?

A person spends 10% of his salary on food. He spends 20% of the remaining amount on fuel. If he has Rs. 4680 now, then what is his salary ? एक व्यक्ति अपने वेतन का 10% भोजन पर खर्च करता है | वह शेष भाग का 20% ईंधन पर खर्च करता है| यदि उसके पास 4680 रूपए शेष है, तो उसका वेतन कितना है ?

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। वास्तविक संस्कृत व्यक्ति वह है जो

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। सभ्य व्यक्ति वह है जो