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किसी बिन्दु पर दो बलों के परिणामों का यो...

किसी बिन्दु पर दो बलों के परिणामों का योग 16 न्यूटन है। इन बलों का परिणामीजिसका परिमाण 8 न्यूटन ...

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परिचय और बलों के प्रकार और न्यूटन का पहला नियम और न्यूटन का दूसरा नियम और न्यूटन का तीसरा नियम

बल क्या है?|बल की सहज धारणा - गैलीलियो के प्रयोग |जड़त्व |न्यूटन का गति विषयक प्रथम नियम |संवेग |न्यूटन का गति विषयक द्वितीय नियम |क्रिया प्रतिक्रिया नियम |संवेग संरक्षण का नियम |Summary

बल |बलो के प्रकार |न्यूटन के गति का प्रथम नियम |अभिलंभ प्रतिक्रिया बल |Quiz|OMR

संख्या संक्रियाओं के परिणामों का आकलन |योग अथवा अंतर का आकलन |आकलन करना : गुणनफल |OMR

दोहरान |बलों के बीच अन्योंनक्रिया |बल का परिमाण एवं मात्रक |बल के प्रभाव |सारांश

सदिश के घटक |दो सदिशों का योग |OMR|Summary

पुनरावलोकन |संख्या रेखा पर पूर्णांकों का योग एवं व्यवकलन |पूर्णांकों का योग एवं व्यवकलन |पूर्णांकों का गुणन |पूर्णांकों के गुणन के गुण |पूर्णांकों का विभाजन |सारांश

न्यूटन के गति का द्वितीय नियम|प्रश्न|OMR

दो कोणों के योग व अंतर का त्रिकोणमितीय फलन |बहुल कोणों के त्रिकोणमिति अनुपात |गुणन का योग व अंतर मे परिवर्तन |योग अथवा अंतर का गुणा मे परिवर्तन |दो कोणों के योग व अंतर का त्रिकोणमितीय फलन |सारांश

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!