Home
Class
PHYSICS
ग्रिफिथ ने किस प्रयोग से सिद्ध किया कि D...

ग्रिफिथ ने किस प्रयोग से सिद्ध किया कि DNA ही आनुवंशिक पदार्थ है ? | 12 | वंशागति का आणविक आधार...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। "संस्कृत' का अर्थ है

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'अनायास' का अर्थ है

Recommended Questions
  1. ग्रिफिथ ने किस प्रयोग से सिद्ध किया कि DNA ही आनुवंशिक पदार्थ है ? | ...

    Text Solution

    |

  2. दुष्यंत कुमार ने हिंदी कविता में उर्दू की किस विधा का प्रयोग किया है ?

    Text Solution

    |

  3. रांगेय राघव ने किस माध्यम से मानव की विवशता और असहायता का चित्रण किया ...

    Text Solution

    |

  4. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने अपने भाषण में मर्दुमशुमारी शब्द का प्रयोग किय...

    Text Solution

    |

  5. नींद उचट जाती है" कविता में कवि नरेन्द्र शर्मा ने किस अलंकार का प्रयोग...

    Text Solution

    |

  6. निम्नलिखित में से किस देश में हिन्दी भाषा का प्रयोग लिखने एवं बोलने मे...

    Text Solution

    |

  7. आदिकाल के लिए 'सिद्ध सामन्त काल' नाम का प्रयोग निम्न में से किस विद्वा...

    Text Solution

    |

  8. बाल्मीकि रामायण में किस भाषा का प्रयोग किया गया है?

    Text Solution

    |

  9. डीएनए |आनुवंशिक पदार्थ की खोज |आनुवंशिक पदार्थ DNA है|OMR

    Text Solution

    |