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क्या दर्पण व्दारा वर्णीय विपथन हो सकता हैं ? | 12 | गोलीय सतहों पर अपवर्तन | PHYSICS | HC VERMA...

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निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये फ्रांस के महान योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का मानना था कि 'असम्भव' शब्द आत्मविश्वास से भरे मनुष्यों के शब्दकोष में नहीं, अपितु मूखों व कायरों के शब्दकोष में पाया जाता है जो व्यक्ति कुछ पाना, कुछ कर दिखाना चाहते हैं और विपरीत परिस्थितियों को पलटकर अपने अनुरूप करना चाहते हैं, उन्हें सर्वप्रथम अपने आप पर भरोसा करना सीखना होगा, अन्यथा सारी योग्यता और मेहनत निरर्थक साबित हो सकता है। आत्मविश्वास सफलता की वह चाबी है, जिससे आप अपने उज्जवल भविष्य का दरवाजा आसानी से खोल सकते हैं। आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति अपनी क्षमता पहचान सकता है और उसके अनुरूप जीवन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर यथोचित उद्यम द्वारा उसे हासिल कर सकता है, कहते हैं- 'मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीत' स्वयं पर भरोसा हो, तो व्यक्ति अपनी योग्यता, सही तैयारी एवं अपेक्षित प्रयत्न के सहारे लक्ष्य तक पहुंच जाता है। पर आत्मविश्वास की कमी सभी उद्यमों को असफल बना सकती है। आत्मविश्वास व्यक्ति को दुविधा और अनिश्चय की मनःस्थिति से निकाल कर उसे दृढ़ विश्वास और दृढ़ निश्चय की मनःस्थिति में पहुंचाता है लेकिन साथ में यह सावधानी भी बेहद जरूरी है कि आत्मविश्वास की कमी से मुक्त होकर कार्य करना और उसे निरन्तर बनाए रखना इस गीत 'हम होगें कामयाब' की अटूट आस्था में निहित है। इसी विश्वास के साथ कोई भी आत्मविश्वास प्राप्त करने की यात्रा प्रारम्भ कर सकता है। सफलता का मूल मंत्र क्या है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये फ्रांस के महान योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का मानना था कि 'असम्भव' शब्द आत्मविश्वास से भरे मनुष्यों के शब्दकोष में नहीं, अपितु मूखों व कायरों के शब्दकोष में पाया जाता है जो व्यक्ति कुछ पाना, कुछ कर दिखाना चाहते हैं और विपरीत परिस्थितियों को पलटकर अपने अनुरूप करना चाहते हैं, उन्हें सर्वप्रथम अपने आप पर भरोसा करना सीखना होगा, अन्यथा सारी योग्यता और मेहनत निरर्थक साबित हो सकता है। आत्मविश्वास सफलता की वह चाबी है, जिससे आप अपने उज्जवल भविष्य का दरवाजा आसानी से खोल सकते हैं। आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति अपनी क्षमता पहचान सकता है और उसके अनुरूप जीवन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर यथोचित उद्यम द्वारा उसे हासिल कर सकता है, कहते हैं- 'मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीत' स्वयं पर भरोसा हो, तो व्यक्ति अपनी योग्यता, सही तैयारी एवं अपेक्षित प्रयत्न के सहारे लक्ष्य तक पहुंच जाता है। पर आत्मविश्वास की कमी सभी उद्यमों को असफल बना सकती है। आत्मविश्वास व्यक्ति को दुविधा और अनिश्चय की मनःस्थिति से निकाल कर उसे दृढ़ विश्वास और दृढ़ निश्चय की मनःस्थिति में पहुंचाता है लेकिन साथ में यह सावधानी भी बेहद जरूरी है कि आत्मविश्वास की कमी से मुक्त होकर कार्य करना और उसे निरन्तर बनाए रखना इस गीत 'हम होगें कामयाब' की अटूट आस्था में निहित है। इसी विश्वास के साथ कोई भी आत्मविश्वास प्राप्त करने की यात्रा प्रारम्भ कर सकता है। नेपोलियन बोनापार्ट ने - 'असंभव' शब्द के बारे में कहा था

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये फ्रांस के महान योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का मानना था कि 'असम्भव' शब्द आत्मविश्वास से भरे मनुष्यों के शब्दकोष में नहीं, अपितु मूखों व कायरों के शब्दकोष में पाया जाता है जो व्यक्ति कुछ पाना, कुछ कर दिखाना चाहते हैं और विपरीत परिस्थितियों को पलटकर अपने अनुरूप करना चाहते हैं, उन्हें सर्वप्रथम अपने आप पर भरोसा करना सीखना होगा, अन्यथा सारी योग्यता और मेहनत निरर्थक साबित हो सकता है। आत्मविश्वास सफलता की वह चाबी है, जिससे आप अपने उज्जवल भविष्य का दरवाजा आसानी से खोल सकते हैं। आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति अपनी क्षमता पहचान सकता है और उसके अनुरूप जीवन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर यथोचित उद्यम द्वारा उसे हासिल कर सकता है, कहते हैं- 'मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीत' स्वयं पर भरोसा हो, तो व्यक्ति अपनी योग्यता, सही तैयारी एवं अपेक्षित प्रयत्न के सहारे लक्ष्य तक पहुंच जाता है। पर आत्मविश्वास की कमी सभी उद्यमों को असफल बना सकती है। आत्मविश्वास व्यक्ति को दुविधा और अनिश्चय की मनःस्थिति से निकाल कर उसे दृढ़ विश्वास और दृढ़ निश्चय की मनःस्थिति में पहुंचाता है लेकिन साथ में यह सावधानी भी बेहद जरूरी है कि आत्मविश्वास की कमी से मुक्त होकर कार्य करना और उसे निरन्तर बनाए रखना इस गीत 'हम होगें कामयाब' की अटूट आस्था में निहित है। इसी विश्वास के साथ कोई भी आत्मविश्वास प्राप्त करने की यात्रा प्रारम्भ कर सकता है। कुछ पाने तथा कुछ दिखाने के लिए व्यक्ति को सबसे पहले

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये फ्रांस के महान योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का मानना था कि 'असम्भव' शब्द आत्मविश्वास से भरे मनुष्यों के शब्दकोष में नहीं, अपितु मूखों व कायरों के शब्दकोष में पाया जाता है जो व्यक्ति कुछ पाना, कुछ कर दिखाना चाहते हैं और विपरीत परिस्थितियों को पलटकर अपने अनुरूप करना चाहते हैं, उन्हें सर्वप्रथम अपने आप पर भरोसा करना सीखना होगा, अन्यथा सारी योग्यता और मेहनत निरर्थक साबित हो सकता है। आत्मविश्वास सफलता की वह चाबी है, जिससे आप अपने उज्जवल भविष्य का दरवाजा आसानी से खोल सकते हैं। आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति अपनी क्षमता पहचान सकता है और उसके अनुरूप जीवन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर यथोचित उद्यम द्वारा उसे हासिल कर सकता है, कहते हैं- 'मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीत' स्वयं पर भरोसा हो, तो व्यक्ति अपनी योग्यता, सही तैयारी एवं अपेक्षित प्रयत्न के सहारे लक्ष्य तक पहुंच जाता है। पर आत्मविश्वास की कमी सभी उद्यमों को असफल बना सकती है। आत्मविश्वास व्यक्ति को दुविधा और अनिश्चय की मनःस्थिति से निकाल कर उसे दृढ़ विश्वास और दृढ़ निश्चय की मनःस्थिति में पहुंचाता है लेकिन साथ में यह सावधानी भी बेहद जरूरी है कि आत्मविश्वास की कमी से मुक्त होकर कार्य करना और उसे निरन्तर बनाए रखना इस गीत 'हम होगें कामयाब' की अटूट आस्था में निहित है। इसी विश्वास के साथ कोई भी आत्मविश्वास प्राप्त करने की यात्रा प्रारम्भ कर सकता है। आत्मविश्वास प्राप्त करने के लिए आवश्यक है

Pipes A and B can fill a tank in 12 minutes and 15 minutes, respectively. The tank when full can be emptied by pipe C in x minutes. When all the three pipes are opened simultaneously, the tank is full in 10 minutes. The value of x is: पाइप A और B क्रमश 12 मिनट और 15 मिनट में एक टैंक भर सकते हैं। जब टेंक भरी हो तो पाइप C द्वारा x मिनट में खाली किया जा सकता है। जब तीनों पाइप एक साथ खोले जाते हैं, तो टैंक 10 मिनट में भर जाता है। x का मान है

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौडाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि: