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वह पादप, जिसमें अवरोही जड़ें पाई जाती हैं | 12 | पुष्पीय पादपों की आकारिकी | BIOLOGY | NEET P...

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पुष्पीय पादप की आकारिकी |जड़ |तना |OMR|Summary

पुष्पी पादपों की आकारिकी |पुष्पी पादप |मूल |OMR

पुष्पी पादपों की आकारिकी |पुष्पी पादप |मूल |OMR

पुष्पी पादपों की आकारिकी |पुष्पी पादप |पुष्पी पादप के भाग |मूल |OMR

पुष्पी पादपों की आकारिकी |पुष्पी पादप के भाग |मूल |मूल के भाग |OMR

A sum of Rs 12,000 amounts to Rs 20,736 in 3 years at a certain rate percent per annum, interest compounded annually. What will the amount of the same sum be in 2 years at the same rate on compound interest? 12000 रुपये की राशि प्रति वर्ष एक निश्चित दर से 3 वर्षो में 20,736 रुपये हो जाती है जिसमें ब्याज की चक्रवृद्धि वार्षिक है | यह राशि चक्रवृद्धि ब्याज की इसी दर से दो वर्षो में कितनी हो जाएगी ?

The ratio of the number of males and females in a group is 6:7. Fifteen females leave the group. As a result, this ratio becomes 12:11. Now, if 6 males join the group, then what will be the ratio of the number of males and females in the group? एक समूह में पुरुषों और महिलाओं की संख्या का अनुपात 6 : 7 है | पंद्रह महिलाएं समूह से निकल जाती हैं | परिणामस्वरूप, यह अनुपात 12 : 11 हो जाता है | अब, यदि 6 पुरुष समूह में शामिल हो जाते हैं, तो समूह में पुरुषों और महिलाओं की संख्या का अनुपात क्या होगा ?

Two articles are sold for Rs. 5,104 each. On one, the seller gains 16% and on the other, he loses 12%. What is his overall gain percent, nearest to two decimal places? दो वस्तुएँ 5104 रुपये में एक की दर से बेची जाती हैं | पहली वस्तु पर विक्रेता को 16% लाभ होता है तथा दूसरी पर उसे 12% की हानि होती है | दो दशमलव स्थानों तक उसका कुल लाभ प्रतिशत ज्ञात करें |

जाते हैं जीवन-भर वहीं संस्कार अमिट रहते हैं। इसीलिए यही काल आधारशिला कहा गया है। यदि यह नींव दृढ़ बन जाती है तो जीवन सुदृढ़ और सुखी बन जाता है। यदि इस काल में बालक कष्ट सहन कर लेता है तो उसका स्वास्थ्य सुंदर बनता है। यदि मन लगाकर अध्ययन कर लेता है तो उसे ज्ञान मिलता है, उसका मानसिक विकास होता है। जिस वृक्ष को प्रारंभ से सुंदर सिंचन और खाद मिल जाती है, वह पुष्पित एवं पल्लवित होकर संसार को सौरभ देने लगता है। इसी प्रकार विद्यार्थी काल में जो बालक श्रम, अनुशासन, समय एवं नियमन के साँचे में ढल जाता है। सभ्य नागरिक के लिए जिन-जिन गुणों की आवश्यकता है उन गुणों के लिए विद्यार्थी काल ही सुन्दर पाठशाला है। यहाँ पर अपने साथियों के बीच रह कर वे सभी गुण आ जाने आवश्यक हैं, जिनकी कि विद्यार्थी को अपने जीवन में आवश्यकता होती है। गद्यांश में आदर्श विद्यार्थी के किन गुणों की चर्चा की गई है?

जाते हैं जीवन-भर वहीं संस्कार अमिट रहते हैं। इसीलिए यही काल आधारशिला कहा गया है। यदि यह नींव दृढ़ बन जाती है तो जीवन सुदृढ़ और सुखी बन जाता है। यदि इस काल में बालक कष्ट सहन कर लेता है तो उसका स्वास्थ्य सुंदर बनता है। यदि मन लगाकर अध्ययन कर लेता है तो उसे ज्ञान मिलता है, उसका मानसिक विकास होता है। जिस वृक्ष को प्रारंभ से सुंदर सिंचन और खाद मिल जाती है, वह पुष्पित एवं पल्लवित होकर संसार को सौरभ देने लगता है। इसी प्रकार विद्यार्थी काल में जो बालक श्रम, अनुशासन, समय एवं नियमन के साँचे में ढल जाता है। सभ्य नागरिक के लिए जिन-जिन गुणों की आवश्यकता है उन गुणों के लिए विद्यार्थी काल ही सुन्दर पाठशाला है। यहाँ पर अपने साथियों के बीच रह कर वे सभी गुण आ जाने आवश्यक हैं, जिनकी कि विद्यार्थी को अपने जीवन में आवश्यकता होती है। मानव जीवन की रीढ़ की हड्डी विद्यार्थी जीवन को क्यों माना जाता है?