Home
Class
PHYSICS
किसी पदार्थ \'X\' के 4 ग्राम 100...

किसी पदार्थ \'X\' के 4 ग्राम 100 ग्राम विलायक में डालने पर \'S\' का क्वथनांक 0.6K बढ़ जाता है।(i...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

The average weight of a certain number of students in a class is 68.5 kg. If 4 new students having weights 72.2 kg, 70.8kg, 70.3kg and 66.7 kg join the class, then the average weight of all the students increases by 300 g. The number of students in the class, initially is: किसी कक्षा में छात्रों की एक निश्चित संख्या का औसत वज़न 68.5 किलो ग्राम है | यदि 4 नए छात्र कक्षा में आ जाते हैं, जिनका वज़न क्रमशः 72.2 किलो ग्राम, 70.8 किलो ग्राम, 70.3 किलो ग्राम तथा 66.7 किलो ग्राम है, तो सभी छात्रों का औसत वज़न 300 ग्राम से बढ़ जाता है | आरंभ में कक्षामें छात्रों की संख्या कितनी थी ?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता जनसंख्या वृद्धि रोकना है। इस क्षेत्र में हमारे सभी प्रयत्न निष्फल रहे हैं। ऐसा क्यों है? यह इसलिए भी हो सकता है कि समस्या को देखने का हर एक का एक अलग नजरिया है। जनसंख्याशास्त्रियों के लिए यह आंकड़ों का अम्बार है। अफसरशाही के लिए यह टार्गेट तय करने की कवायद है। राजनीतिज्ञ इस वोट बैंक की दृष्टि से देखता है। ये सबस अपने-अपने ढंग से समस्या को सुलझाने में लगे हैं। अतः अलग-अलग किसी के हाथ सफलता नहीं लगी। पर यह स्पष्ट है कि परिवार के आकार पर आर्थिक विकास और शिक्षा का बहुत प्रभाव पड़ता है। यहाँ आर्थिक विकास का मतलब पाश्चात्य मतानुसार भौतिकवाद नहीं जहाँ बच्चों को बोझ माना जाता है। हमारे लिए तो यह सम्मानपूर्वक जीने के स्तर से सम्बन्धित है। यह मौजूदा सम्पति के समतामलक विवरण पर ही निर्भर नहीं है वरन् ऐसी शैली अपनाने से सम्बन्धित है जिसमें अस्सी करोड़ लोगों की ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल हो सके। इसी प्रकार स्त्री शिक्षा भी है। यह समाज में एक नए प्रकार का चिन्तन पैदा करेगी जिससे सामाजिक और आर्थिक विकास के नए आयाम खुलेंगे और साथ ही बच्चों के विकास का नया रास्ता भी खुलेगा। अतः जनसंख्या की समस्या सामाजिक है। यह अकेले सरकार नहीं सुलझा सकती। केन्द्रीयकरण से हटकर इसे ग्राम-ग्राम, व्यक्ति-व्यक्ति तक पहुँचना होगा। जब तक यह जन आन्दोलन नहीं बन जाता तब तक सफलता मिलना संदिग्ध है। जनसंख्या समस्या के प्रति हमारे दृष्टिकोण में जिस परिवर्तन की आवश्यकता है वह है