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फियोफाइटा एवं रोडोफाइटा में अन्तर लिखिए|...

फियोफाइटा एवं रोडोफाइटा में अन्तर लिखिए| | 11 | पादप-जगत | BIOLOGY | NAVBODH | Doubtnut

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भाषा एवं बोली में निम्नलिखित में से कौन-सा एक विकल्प अन्तर प्रकट नहीं करता है?

निष्ठा एवं सत् संज्ञा में अन्तर |OMR|शतर् - शानच् प्रसयो से सम्बद्ध नियम एवं प्रमुख उदाहरण |सारांश

परिचय|प्राणियों में नियंत्रण एवं समन्वय|मस्तिष्क|प्रतिवर्ती क्रिया और प्रतिवर्ती चाप|अंतः स्रावी तंत्र|पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय : पादप हार्मोन|पौधों में गतियाँ|OMR|Summary

परिचय|प्राणियों में नियंत्रण एवं समन्वय|मस्तिष्क|प्रतिवर्ती क्रिया और प्रतिवर्ती चाप|अंतः स्रावी तंत्र|पौधों में नियंत्रण एवं समन्वय : पादप हार्मोन|पौधों में गतियाँ|OMR|Summary

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निर्देश: निम्नलिखित गद्यान्श के आधार पर प्रश्न तक के उत्तर दीजिए: ?"मानव के पास समस्त जगत को देखने-परखने के दो नजरिए हैं एक आशावादी, दूसरा निराशावादी। इसे सकारात्मक और नकारात्मक दृष्टि भी कहते हैं। जो आशावादी या सकारात्मक मार्ग पर चलते हैं, वे सदैव आनन्दकी अनुभूति प्राप्त करते हैं तथा निराशावादी या नकारात्मक दृष्टि वाले दुःख के सागर में डूबे रहते हैं और सदा अपने आपको प्रस्थापित करने के लिए तर्क किया करते हैं। वे भूल जाते हैं कि तर्क और कुर्तक से ज्ञान का नाश होता है एवं जीवन में विकृति उत्पन्न होती है। आशावादी तर्क नहीं करता, फलस्वरूप वह आंतरिक आनन्द की प्रतीति करता है। वह मानता है कि आत्मिक आनंद कभी प्रहार या काटने की प्रक्रिया में नहीं है। इसीलिए जगत में सदा आशावाद ही पनपा है, उसने ही महान व्यक्तियों का सृजन किया है। निराशावाद या नकारात्मकता की नींव पर कभी किसी जीवन प्रासाद का निर्माण नहीं हुआ। 'वे' सर्वनाम है