Home
Class 10
SOCIAL SCIENCE
कारखानों की शुरुआत...

कारखानों की शुरुआत

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

उभरता मध्यम वर्ग |क्रांति की शुरुआत |OMR

क्रांति की शुरुआत |OMR|उभरता मध्यम वर्ग

क्रांति की शुरुआत |OMR|उभरता मध्यम वर्ग

वन्य समाज और उपनिवेशवाद |वनों का विनाश के कारण |व्यवसायिक वानिकी की शुरुआत |वन अधिनियम लागू होने के बाद |नए व्यापार नए रोज़गार

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। गत बीस वर्षों में भारत के प्रत्येक नगर में कारखानों की जितनी तेजी से वृद्धि हुई है। उससे वायुमण्डल पर बहुत प्रभाव पड़ा है क्योंकि इन कारखानों की चिमनियों से चौबीसों घण्टे निकलने वाले धुएँ ने सारे वातावरण को विषाक्त बना दिया है। सड़कों पर चलने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से होने वाली वृद्धि भी वायु प्रदूषण के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। आज असंख्य प्रकार की सॉस और फेफड़ों की बीमारियाँ आम बात हो गई है। बढ़ती हुई जनसंख्या, लोगों का शहरों की ओर पलायन भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषण का कारण है। शहरों की बढ़ती जनसंख्या के लिए सुविधाएँ जुटाने के लिए वृक्षों और वनों को भी निरन्तर काटा जा रहा है। क्रिया विशेषण है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। गत बीस वर्षों में भारत के प्रत्येक नगर में कारखानों की जितनी तेजी से वृद्धि हुई है। उससे वायुमण्डल पर बहुत प्रभाव पड़ा है क्योंकि इन कारखानों की चिमनियों से चौबीसों घण्टे निकलने वाले धुएँ ने सारे वातावरण को विषाक्त बना दिया है। सड़कों पर चलने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से होने वाली वृद्धि भी वायु प्रदूषण के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। आज असंख्य प्रकार की सॉस और फेफड़ों की बीमारियाँ आम बात हो गई है। बढ़ती हुई जनसंख्या, लोगों का शहरों की ओर पलायन भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषण का कारण है। शहरों की बढ़ती जनसंख्या के लिए सुविधाएँ जुटाने के लिए वृक्षों और वनों को भी निरन्तर काटा जा रहा है। निम्नलिखित में से सार्वनामिक विशेषण है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए। गत बीस वर्षों में भारत के प्रत्येक नगर में कारखानों की जितनी तेजी से वृद्धि हुई है। उससे वायुमण्डल पर बहुत प्रभाव पड़ा है क्योंकि इन कारखानों की चिमनियों से चौबीसों घण्टे निकलने वाले धुएँ ने सारे वातावरण को विषाक्त बना दिया है। सड़कों पर चलने वाले वाहनों की संख्या में तेजी से होने वाली वृद्धि भी वायु प्रदूषण के लिए पूरी तरह उत्तरदायी है। आज असंख्य प्रकार की सॉस और फेफड़ों की बीमारियाँ आम बात हो गई है। बढ़ती हुई जनसंख्या, लोगों का शहरों की ओर पलायन भी अप्रत्यक्ष रूप से प्रदूषण का कारण है। शहरों की बढ़ती जनसंख्या के लिए सुविधाएँ जुटाने के लिए वृक्षों और वनों को भी निरन्तर काटा जा रहा है। निम्नलिखित में से कौन-सा अपूर्ण वर्तमान प्रयोग है