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एक वर्गाकार मैदान को घेरने में, प्रति मी...

एक वर्गाकार मैदान को घेरने में, प्रति मीटर 80 पैसे की दर से 1600 रु. खर्च होता है। यदि प्रति वर्...

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The cost of levelling a circular field at 50 Paise per square metre is Rs 7700. The cost (in Rs) of putting up a fence all round it at Rs 1.20 per meter is (Use pi= 22//7 ) एक वृत्ताकार मैदान को समतल करने की लागत 50 पैसे वर्म मीटर की दर से 7700 रू आती है। उसके चारों ओर बाड़ लगाने की लागत 1.20 रू प्रति मीटर की दर से क्या आएगी । (प्रयोग करे: pi= 22//7 )

A cost of cultivating a square field at a rate of ₹135 per hectare is ₹1,215. The cost of putting a fence around it at. the rate of 75 paise per metere would be- एक वर्गाकार खेत में ₹135 प्रति हेक्टेयर खेती करने का खर्च ₹1,215 है। इसके चारों ओर 75 पैसे प्रति मीटर की दर से घेरा लगाने का खर्च क्या होगा।

A sum of money amounts to Rs.7500 in 5 years, and to 8,500 in 7 years at simple interest at the same rate of interest. The rate of interest per annum is: एक राशि साधारण ब्याज की दर से 5 वर्षों में 1500 रुपये और उसी दर से 7 वर्षों में 8,500 रुपये हो जाती है। प्रति वर्ष ब्याज की दर क्या है?

A hemispherical dome is open from its base and is made up of iron. Thickness of dome is 3.5 meter. Total cost of painting dome's outer curved surface is Rs 2464. If the rate of painting is Rs 8 per meter^2 , then what is the volume (in meter^3 ) of iron used in making the dome ? एक अर्धगोलाकार गुम्बद अपने आधार से खुला है तथा लोहे से बना है। गुम्बद को मोटाई 3.5 मीटर है। गुम्बद के बाहर की वक्रीय सतह को पेंट करने में कुल 2464 रूपये का खर्चा होता है। यदि पेंटिंग की दर 8 रूपये प्रति मीटर^2 है, तो गुम्बद को बनाने में प्रयोग हुए लोहे का आयतन ( मीटर^3 में) क्या होगा?

What will be total cost of polishing curved surface of a wooden cylinder at rate of Rs 20 per m^2 if its diameter is 40 cm and height is 7m? लकड़ी की बेलन की वक्र सतह को 20 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से पॉलिश करने की कुल लागत क्‍या होगी, यदि इसका व्यास 40 सेमी तथा ऊंचाई 7 मीटर है |

A sum of ₹ 10,500 amounts to ₹ 13,650 in 2 years at a certain rate per cent per annum simple interest. The same sum will amount to what in 1 year at the same rate, if the interest is compounded half yearly(nearest to ₹ 1)? 10,500 रुपये की एक राशि प्रति वर्ष एक निश्चित दर प्रतिशत से 2 वर्षों में 13,650 रुपये हो जाती है। यही राशि इसी दर से 1 वर्ष में कितनी होगी, यदि ब्याज का संयोजन अर्धवार्षिक है? (1 रुपये के निकटतम)

A person bought 15 articles @ Rs. 70 per article, 13 articles @ Rs. 60 per article and 12 articles @ Rs. 65 per article. The average cost ( in Rs. ) of per article is : किसी व्यक्ति ने रु 70 प्रति वस्तु की दर से 15 वस्तुएं, रु 60 प्रति वस्तु की दर से 13 वस्तुएं और रु 65 प्रति वस्तु की दर से 12 वस्तुएं खरीदीं | प्रति वस्तु औसत मूल्य (रु में) है :

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किंतु कुछ लोग अंधकार को स्वीकार करने से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत् उपक्रम बन जाता है। ___________ और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है।" वाक्य में निपात है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। जीवन में बहुत अंधकार है और अंधकार की ही भाँति अशुभ और अनीति है। कुछ लोग इस अंधकार को स्वीकार कर लेते हैं और तब उनके भीतर जो प्रकाश तक पहुँचने और पाने की आकांक्षा थी, वह क्रमशः क्षीण होती जाती है। मैं अंधकार की इस स्वीकृति को मनुष्य का सबसे बड़ा पाप कहता हूँ। यह मनुष्य का स्वयं अपने प्रति किया गया अपराध है। उसके दूसरों के प्रति किए गए अपराधों का जन्म इस मूल पाप से ही होता है। यह स्मरण रहे कि जो व्यक्ति अपने ही प्रति इस पाप को नहीं करता है, वह किसी के भी प्रति कोई पाप नहीं कर सकता है। किंतु कुछ लोग अंधकार को स्वीकार करने से बचने के लिए उसके अस्वीकार में लग जाते हैं। उनका जीवन अंधकार के निषेध का ही सतत् उपक्रम बन जाता है। जब व्यक्ति स्वयं के प्रति किए गए अन्याय, शोषण के विरुद्ध आवाज नहीं उठाता तो ।