Home
Class
SCIENCE
समसूत्री विभाजन को परिभाषित कीजिए। यह कि...

समसूत्री विभाजन को परिभाषित कीजिए। यह किन कोशिकाओं में होता है? | 11 | कोशिका चक्र और कोशिका विभ...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

कोशिका विभाजन|समसूत्री विभाजन |कोशिका चक्र |OMR

कोशिका चक्र |समसूत्री विभाजन |पूर्वावस्था |मध्यावस्था |पश्चावस्था |अंत्यावस्था |कोशिका द्रव्य विभाजन |कोशिका खाँच विधि |कोशिका प्लेट विधि |OMR

कोशिका विभाजन|कोशिका विभाजन क्यों विभाजित होती है|कर्न प्लाज़्मा सिद्धांत|कोशिका विभाजन के प्रकार|समसूत्री विभाजन|कोशिका चक्र|प्रश्न|OMR

कोशिका विभाजन |कोशिका विभाजन के प्रकार - समसूत्री विभाजन |कोशिका चक्र |अंतरावस्था / वृद्धि अवस्था |OMR

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौडाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में किस बात को महत्त्व दिया है ?