Home
Class
SCIENCE
60 किलो वजन का आदमी जमीन पर कितना दबाव ड...

60 किलो वजन का आदमी जमीन पर कितना दबाव डालेगा जब (ए) वह अपने पैरों पर खड़ा है

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A person spends 10% of his salary on food. He spends 20% of the remaining amount on fuel. If he has Rs. 4680 now, then what is his salary ? एक व्यक्ति अपने वेतन का 10% भोजन पर खर्च करता है | वह शेष भाग का 20% ईंधन पर खर्च करता है| यदि उसके पास 4680 रूपए शेष है, तो उसका वेतन कितना है ?

A shopkeeper bought 80 kg of rice at a discount of 10%. Besides 1 kg rice was offered free to him on the purchase of every 20 kg rice. If he sells the rice at the marked price, his profit percentage will be: एक दुकानदार ने 10% छूट पर 80 किलो ग्राम चावल ख़रीदा | इसके अलावा, प्रत्येक 20 किलो चावल की ख़रीद पर उसे 1 किलो चावल मुफ्त दिया गया | यदि वह चावल को बाज़ार मूल्य पर बेच देता है, तो उसके लाभ का प्रतिशत होगा :

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। वास्तविक संस्कृत व्यक्ति वह है जो

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। सभ्य व्यक्ति वह है जो

Recommended Questions
  1. 60 किलो वजन का आदमी जमीन पर कितना दबाव डालेगा जब (ए) वह अपने पैरों पर ...

    Text Solution

    |

  2. एक चालक में 50 वोल्ट पर 2 mA धारा तथा 60 वोल्ट पर 3 mA धारा ...

    Text Solution

    |

  3. 60 W-220 V तथा 100 W-220 V के दो बल्ब श्रेणीक्रम में जोड़कर 220 व...

    Text Solution

    |

  4. दर्शाये गये चित्र में मीटर ब्रिज के तार की लम्बाई 100 सेमी हैं । जब AJ...

    Text Solution

    |

  5. किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक 0.3xx10^(-4)" ...

    Text Solution

    |

  6. पृथ्वी की सतह के किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घ...

    Text Solution

    |

  7. 60 माइक्रोफैरड (mu F) धारिता के संधरित्र का 600 हर्ट्ज आवृत्ति पर...

    Text Solution

    |

  8. 25% और 40% सान्द्रण वाले अम्लों को मिलाकर 30% सान्द्रण का 60 लोटर अम्ल...

    Text Solution

    |

  9. 25% और 40% के अम्लों को मिलाकर 30 % सान्द्रण का 60 लीटर अम्ल त...

    Text Solution

    |