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एक फल विक्रेता 600 में 240 सेब खरीदता है...

एक फल विक्रेता 600 में 240 सेब खरीदता है उनमे से कुछ सेब ख़राब थे इसलिए उन्हे फेक दिया गया उसने बचे

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A shopkeeper purchased 120 pears for Rs. 15 each. However, 10 pears were rotten and thrown away. The remaining sold at Rs. 18 each. What will be the percentage profit ? एक दुकानदार ने 120 नाशपाती 15 रुपये में एक की दर से ख़रीदा | हालाँकि, 10 नाशपाती सड़े हुए थे और उन्हें फेंक दिया गया | शेष को 18 रुपये में एक की दर से बेचा गया | प्रतिशत लाभ क्या होगा ?

A vendor bought 40 dozen of fruits for Rs2400. Out of these, 30 fruits were rotten and thrown away. At what rate per dozen should he sell the remaining fruits to make a profit of 25%? एक विक्रेता ने 40 दर्जन फल 2400 रुपये में ख़रीदे | इनमें से 30 फल सड़े हुए थे जो फेंक दिए गए | 25% का लाभ कमाने के लिए उसे शेष फलों को प्रति दर्जन किस दर से बेचना चाहिए ?

A car dealer purchased an old car for ₹1,08,500 and spent some amount on its maintenance. He sold it for ₹ 1,56,250, thereby earning a profit of 25%. How much money did he spend on the maintenance of the car? एक कार विक्रेता ने 1,08,500 रुपये में एक पुरानी कार खरीदी तथा कुछ राशि उसकी मरम्मत पर खर्च की | उसने उस कार को २1,56,250 में बेचा, जिससे उसे 25% का लाभ हुआ| उसने कार की मरम्मत पर कितनी राशि खर्च की है ?

चेन्नई में आई बाढ़ अब उतार पर है। इस त्रासदी से निबटने में इस शहर ने जिस साहस का परिचय दिया, जिस तरह से सोशल मीडिया ने एक बार फिर बचाव के काम में अहम् किरदार निभाया, बल्कि कुछ मामलों में तो जान बचाने में भी उसकी भूमिका रही, इसे देखते हुए उसकी जितनी तारीफ की जाए, वह कम है। इन तमाम अच्छी बातों के बावजूद इस वास्तविकता को भी नहीं झुठलाया जा सकता कि इस त्रसादी से बचा जा सकता था। चेन्नई में आई बाढ़ की असली वजह थी अडयार नदी-बेसिन का नए हवाई अड्डे के लिए अतिक्रमण। ठीक उसी तरह, जैसे दूसरे नदी विस्तारों का आवासीय निर्माण के लिए प्रयोग कर लिया गया है। नदी के कुदरती रास्तों को अवरुद्ध किए जाने से इसका जल आस-पास के इलाकों में उमड़ गया। जब तक प्रकृति अपना क्रोध नहीं दिखाती, हमारे योजनाकार हर जोखिम को नजरअन्दाज करते रहते हैं और उस चीज की तलाश में रहते हैं, जिसे वे ले सकते हैं। हमने इसी तरह का विध्वंसक सैलाब मुम्बई में भी देखा। कुछ ही समय पहले श्रीनगर में भी ऐसी ही बरबादी देखी। हर जगह मुख्य वजह मिली-अनियोजित शहरीकरण और बुनियादी नियमों की अनदेखी। फिर भी हर बार त्रासदी की गम्भीरता लोगों की यादों में धुंधली पड़ जाती है। चेन्नई की तरह दिल्ली में भी ऐसे सैलाब की सम्भावना है। इसलिए हमें यमुना नदी के बेसिन से छेड़छाड़ करने की 'बुद्धिमानी' से बचना होगा। गद्यांश में 'बाढ़' के लिए एक समानार्थी का प्रयोग हुआ है, वह है