एमपी बोर्ड परिणाम 2023 आ गया - एमपीबीएसई कक्षा 10वीं, 12वीं का परिणाम 2023 | पूजा मैम
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The average of twelve numbers is 55.5. The average of the first four numbers is 53.4 and that of the next four numbers is 54.6. The 10th number is greater than the 9th number by 3 but lesser than the 11th and 12th numbers by 2 and 3, respectively. What is the average of the 10th and the 12th numbers? बारह संख्याओं का औसत 55.5 है | पहली चार संख्याओं का औसत 53.4 है तथा अगली चार संख्याओं का औसत 54.6 है | 10वीं संख्या 9वीं संख्या से 3 अधिक है लेकिन 11वीं और 12वीं संख्याओं से क्रमशः 2 और 3 कम है | 10वीं और 12वीं संख्याओं का औसत ज्ञात करें |
The given bar graph represents the pass percentage of the 10th and 12th classes of a school during the consecutive four year period 2016-19. दिया गया दंड आरेख 2016-19 की अवधि में चार लगातार वर्षों के दौरान एक स्कूल की 10वीं और 12वीं कक्षाओं की उत्तीर्णता प्रतिशत को प्रदर्शित करता है। What is the average of the pass percentage of the 10th class for all four years? सभी चार वर्षों के लिए 10वीं कक्षा की उत्तीर्णता प्रतिशत का औसत कया है?
The graph shows the result of 10th class students of a school for 4 years. Study the graph and answer the questions: The number of students appeared for the 10th class exam in the year 2002 is. निम्नलिखित दण्ड आरेख 10 वीं कक्षा के छात्रों का 4 वर्ष का परीक्षा परिणाम दर्शाता है। आरेख का अध्ययन कीजिए और निम्नलिखित प्रश्नों का उत्तर दीजिए : छात्रों की संख्या वर्ष 2002 में 10 वीं कक्षा की परीक्षा में शामिल छात्रों की संख्या बताइए:
The average of twelve numbers is 45.5. The average of the first four numbers is 41.5 and that of the next five numbers is 48. The 10th number is 4 more than the 11th number and 9 more than the 12th number. What is the average of the 10th and 12th numbers? बारह संख्याओं का औसत 45.5 है | पहली चार संख्याओं का औसत 41.5 है तथा अगली पाँच संख्याओं का औसत 48 है | 10वीं संख्या, 11वीं संख्या से 4 अधिक तथा 12वीं संख्या से 9 अधिक है | 10वीं तथा 12वीं संख्याओं का औसत कितना है ?
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये वायु प्रदूषण आज की प्रमुख समस्या है। जंगलों के कटने तथा खनिज ईंधन के जलने से वायु में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा दिनों बढ़ रही है। विश्व पर्यावरण विकास आयोग' के अनुसार औद्योगीकरण के पूर्व वायु के प्रति 10 लाख में 280 कार्बन डाई-ऑक्साइड' थी। यह घनत्व अस्सी के दशक में 340 पहुंच गया तथा इक्कीसवीं शताब्दी के मध्य से अन्त तक यह 560 तक पहुंच जाएगा। वातावरण में छोड़ा जाने वाला धुआं अब सामान्य लकड़ी का धुआं न होकर अब उसमें कार्बन-ऑक्साइड के साथ-ही-साथ नाइट्रसऑक्साइड, धूल जैसे पदार्थों का आधिक्य भी हो रहा है। वायु में कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा 21वीं शती तक कितने यूनिट हो जाएगी।
The average of 24 numbers is 65. The average of first 11 numbers is 67 and the average of last 10 numbers is 70. If the 12th number is 13 less than the 13th number and the 14th number is one more than the 13th number, then the average of 12th and 14th number is: 24 संख्याओं का औसत 65 है | पहली 11 संख्याओं का औसत 67 है तथा अंतिम 10 संख्याओं का औसत 70 है| यदि 12वीं संख्या 13वीं संख्या से 13 कम है तथा 14वीं संख्या 13वीं संख्या से एक अधिक है, तो 12वीं और 14वीं संख्या का औसत ज्ञात करें |
वर्ष 1914 तक देश का औद्योगिक विकास बेहद धीमा रहा और साम्राज्यवादी शोषण अत्यन्त तीव्र हो गया। गाँवों की अर्थव्यवस्था पंगु हो गई। सबसे अधिक बुरा प्रभाव कारीगरों, हरिजनों और छोटे किसानों पर पड़ा। ग्रामीण जन साम्राज्य और उनके भारतीय एजेण्ट जमींदारों के दोहरे शोषण की चक्की में पिस रहे थे। ब्रिटिश काल में सूदखोर महाजनों का एक ऐसा वर्ग पैदा हुआ, जिनसे एक बार कर्ज लेने पर गाँव के किसान जीवन-भर गुलामी का पट्टा पहनने पर मजबूर हो जाते थे। उनके हिसाब के सूद का भुगतान करने में असमर्थ किसान महाजनों को खेत बेचने पर मजबूर होकर अपनी ज़मीन पर ही मज़दूर होता गया। इस प्रकार देश में एक ओर तो बड़े किसानों की संख्या बढ़ी, दूसरी ओर ज़मीन जोतने वाला किसान भूस्वामित्व के अधिकार से वंचित होकर खेतिहर मज़दूर होने लगा! भुखमरी से बचने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण बड़े पैमाने पर रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की ओर भागने लगे, परन्तु इन असहाय लोगों का स्वागत करने के लिए वहाँ भी कठिनाइयाँ और समस्याएँ हो थीं। प्रेमचन्द 'गोदान' में होरी और गोबर के माध्यम से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को विस्तार से हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं। यह अकेले होरी की ट्रेजिडी नहीं है, पूरे छोटे किसानों के साथ साम्राज्यवादी-पूँजीवादी व्यवस्था के शोषण-तन्त्र का क्रूर मजाक है, जो दूसरे ढंग से आज भी जारी है। 20वीं शताब्दी के आरम्भ में ग्रामीण गरीबी का प्रेमचन्द जो यथार्थ चित्रण करते हैं, यह यूरोप में किसी व्यक्ति के लिए अकल्पनीय है-- "टूटे-फूटे झोंपड़े, मिट्टी की दीवारें, घरों के सामने कूड़े-करकट के ढेर, कीचड़ में लिपटी भैंसें, दुर्बल गायें, हड्डी निकले किसान, जवानी में ही जिन पर बुढ़ापा आ गया है।" ग्रामीण अर्थव्यवस्था कमजोर होने का कुप्रभाव किस पर पड़ा?
वर्ष 1914 तक देश का औद्योगिक विकास बेहद धीमा रहा और साम्राज्यवादी शोषण अत्यन्त तीव्र हो गया। गाँवों की अर्थव्यवस्था पंगु हो गई। सबसे अधिक बुरा प्रभाव कारीगरों, हरिजनों और छोटे किसानों पर पड़ा। ग्रामीण जन साम्राज्य और उनके भारतीय एजेण्ट जमींदारों के दोहरे शोषण की चक्की में पिस रहे थे। ब्रिटिश काल में सूदखोर महाजनों का एक ऐसा वर्ग पैदा हुआ, जिनसे एक बार कर्ज लेने पर गाँव के किसान जीवन-भर गुलामी का पट्टा पहनने पर मजबूर हो जाते थे। उनके हिसाब के सूद का भुगतान करने में असमर्थ किसान महाजनों को खेत बेचने पर मजबूर होकर अपनी ज़मीन पर ही मज़दूर होता गया। इस प्रकार देश में एक ओर तो बड़े किसानों की संख्या बढ़ी, दूसरी ओर ज़मीन जोतने वाला किसान भूस्वामित्व के अधिकार से वंचित होकर खेतिहर मज़दूर होने लगा! भुखमरी से बचने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण बड़े पैमाने पर रोजी-रोटी की तलाश में शहरों की ओर भागने लगे, परन्तु इन असहाय लोगों का स्वागत करने के लिए वहाँ भी कठिनाइयाँ और समस्याएँ हो थीं। प्रेमचन्द 'गोदान' में होरी और गोबर के माध्यम से इस ऐतिहासिक प्रक्रिया को विस्तार से हमारे सामने प्रस्तुत करते हैं। यह अकेले होरी की ट्रेजिडी नहीं है, पूरे छोटे किसानों के साथ साम्राज्यवादी-पूँजीवादी व्यवस्था के शोषण-तन्त्र का क्रूर मजाक है, जो दूसरे ढंग से आज भी जारी है। 20वीं शताब्दी के आरम्भ में ग्रामीण गरीबी का प्रेमचन्द जो यथार्थ चित्रण करते हैं, यह यूरोप में किसी व्यक्ति के लिए अकल्पनीय है-- "टूटे-फूटे झोंपड़े, मिट्टी की दीवारें, घरों के सामने कूड़े-करकट के ढेर, कीचड़ में लिपटी भैंसें, दुर्बल गायें, हड्डी निकले किसान, जवानी में ही जिन पर बुढ़ापा आ गया है।" प्रस्तुत गद्यांश में आए शब्द 'पंगु' का तात्पर्य क्या है?
The average of 24 numbers is 56. The average of the first 10 numbers is 71.7 and that of the next 11 numbers is 42. The next three numbers (i.e 22nd ,23rd and 24th) are in the ratio 1/2 : 1/3: 5/12 . What is the average of the 22nd and 24th numbers? 24 संख्याओं का औसत 56 है | पहली 10 संख्याओं का औसत 71.7 है तथा अगली 11 संख्याओं का औसत 42 है| अगली तीन संख्याएँ ( अर्थात 22वीं, 23वीं तथा 24वीं ) 1/2 : 1/3: 5/12 के अनुपात में हैं | 22वीं तथा 24वीं संख्याओं का औसत कितना है ?
The given pie chart represents the popularity of ice-cream flavours in the year 2005 and 2015. दिया गया पाई चार्ट वर्ष 2005 और 2015 में आइसक्रीम के स्वादों की लोकप्रियता को दर्शाता है । If a percentage point shift results in annual additional sales of Rs. 10,000. How much(in Rs.), did the combined annual strawberry and butterscotch sales increase from 2005 to 2015? यदि प्रतिशत बिंदु में खिसकाव 10,000 रुपये की वार्षिक अतिरिक्त बिक्री का परिणाम देता है, तो 2005 से 2015 में स्ट्रॉबेरी और बटरस्कॉच की संयुक्त वार्षिक बिक्री में कितनी वृद्धि हुई है?
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