जल्दी उठने वाले छात्रों के लिए सर्वोत्तम समय सारणी | संशयपूर्ण सुबह की प्रेरणा | भूमिका मैम
जल्दी उठने वाले छात्रों के लिए सर्वोत्तम समय सारणी | संशयपूर्ण सुबह की प्रेरणा | भूमिका मैम
Similar Questions
Explore conceptually related problems
The given graph shows the marks obtained by students in an examination. दिया गया आरेख किसी परीक्षा में छात्रों के प्राप्तांक दर्शाता है | The number of students who obtained less than 300 marks is what percent more than the number of students who obtained 350 or more marks? 300 अंक से कम प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या 350 या इससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की संख्या से कितना प्रतिशत अधिक है ?
The Table shows the number of students from different schools playing different games. यह तालिका अलग-अलग विद्यालयों के छात्रों की संख्या को दर्शाती है जो अलग-अलग खेल खेलते हैं ? What is the ratio of the total students who play cricket in schools A and B together to the total students who play hockey in schools C and D ? विद्यालय A और B में क्रिकेट खेलने वाले छात्रों की कुल संख्या का विद्यालय C और D में हॉकी खेलने वाले छात्रों की कुल संख्या के साथ क्या अनुपात है ?
A person covers a distance of 300 km and then returns to the starting point. The time taken by him for the outward journey is 5 hours more than the time taken for the return journey. If he returns at a speed of 10km/h more than the speed of going, What was the speed (in km/h) for the outward journey? एक व्यक्ति 300 किमी की दूरी तय करता है और फिर शुरुआती बिंदु पर लौटता है। जाने की यात्रा के लिए उसके द्वारा लिया गया समय वापसी की यात्रा के लिए, लिए गए समय से 5 घंटे अधिक है। अगर वह जाने की चाल से 10 किमी/घंटा अधिक की चाल से लौटता है, तो जाने की यात्रा के लिए चाल (किमी/घंटा में) क्या है?
The table below shows the number of students enrolled in five colleges over the five years (2010 to 2014). यह तालिका पांच कॉलेजों में पांच वर्षों ( 2010 से 2014 ) के दौरान नामांकन लेने वाले छात्रों की संख्या दर्शाती है | The number of students studying in college E in the year 2013 is approximately what percent of the number of students studying in colleges B, C and D taken together in the year 2013 (nearest to one decimal place) वर्ष 2013 में कॉलेज E में पढ़ रहे छात्रों की संख्या वर्ष 2013 में कॉलेज B, C एवं D में पढ़ने वाले छात्रों की कुल संख्या का लगभग कितना प्रतिशत है ? ( एक दशमलव स्थान के निकटतम )
A person travels a distance of 300km and then returns to the starting point. The time taken by him for the outward journey is 5 hours more than the time taken for the return journey. If he returns at a speed of 10km/h more than the speed of going, what is the average speed (in km/h) for the entire journey ? एक व्यक्ति 300 किमी की दूरी तय करता है और फिर शुरुआती बिंदु पर लौटता है। जाने की यात्रा के लिए उसके द्वारा लिया गया समय वापसी की यात्रा के लिए, लिए गए समय से 5 घंटे अधिक है। अगर वह जाने की चाल से 10 किमी/घंटा अधिक की चाल से लौटता है, तो पूरी यात्रा में औसत चाल (किमी / घंटा) क्या है?
This table shows the percentage of students passing out of five different colleges over three years. It is given that from each college, 200 students appeared every year. यह तालिका तीन वर्षों में पांच अलग-अलग कॉलेजों से पास करने वाले छात्रों का प्रतिशत दर्शाती है | यह दिया गया है कि प्रत्येक कॉलेज से हर वर्ष 200 छात्र शामिल हुए | What is the ratio of the number of students passing to those failing from college E in the year 2015? वर्ष 2015 में कॉलेज E से पास करने वाले छात्रों की संख्या का फेल करने वाले छात्रों की संख्या के साथ अनुपात ज्ञात करें |
The given pie-chart depicts the percentage of students coming to school using different modes of transport. Total number of students=1300 दिया गया पाई चार्ट परिवहन के विभिन्न साधनों का प्रयोग करके विद्यालय आने वाले छात्रों का प्रतिशत दर्शाता है | छात्रों की कुल संख्या =1300 In the given pie-chart, the difference between the number of students travel by bus or walk to the number of students travel by car or cycle, इस पाई चार्ट के अनुसार बस सेया पैदल यात्रा करने वाले छात्रों की संख्या एवं कार अथवा साइकिल से यात्रा करने वाले छात्रों की संख्या में क्या अंतर है ?
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए। आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बाजारीकरण हो जाने के कारण शिक्षा महँगी और गरीबों की पहुंच से बाहर हो चुकी है। एक ओर तो रुचि और उपयोगिता के अनुसार उपयुक्त शिक्षा पाने के लिए गरीबों के पास धन उपलब्ध नहीं है, तो वहीं जो संपन्न हैं उनके पास समय का अभाव है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है। पिछले वर्ष देश के गरीब और स्कूल न जा सकने वाले बच्चों के लिए सरकार की ओर से प्रभावी कदम उठाते हुए ई-शिक्षा व्यवस्था की शुरुआत करते हुए स्वयं डॉट जीओवी डॉट इन वेब पोर्टल की शुरुआत की गई है। इससे बच्चे ऑनलाइन शिक्षा पा सकेंगे और उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। इस पोर्टल की विशेषता यह है कि इससे छान मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग सहित तमाम पाठ्यक्रमों की पढ़ाई घर बैठे कर सकेंगे। इससे छात्रों को घर बैठे ही सर्टिफिकेट और डिग्री भी हासिल होंगे, जो किसी भी विश्वविद्यालय में मान्य होंगे। ऑनलाइन एजुकेशन के प्रति लोगों का बढ़ता उत्साह देखकर कहा जा सकता है कि भारत में इसका भविष्य उज्ज्वल है। यही कारण है कि अब अधिकतर शिक्षण संस्थान इस व्यवस्था को अपना रहे हैं। पढ़ाई का बढ़ता खर्च और किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की डिग्री प्राप्त करने के लिए कॉलेजों का चुनाव, प्रवेश परीक्षा और फिर एक साथ मोटी फीस चुकाना युवाओं की बढ़ती संख्या के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। भारत में केवल बारह प्रतिशत छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश मिलता है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने वाली कंपनियों के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार बन गया है। आज एक-दूसरे को समझने-जानने की जिज्ञासा भी लोगों में बढ़ी हुई देखी जाती है। ऐसे में किसी देश की भाषा सीखना आवश्यक हो जाता है क्योंकि भाषा सीखने से उस देश की संस्कृति तथा अन्य बातें समझी जा सकती हैं। इसीलिए भारत के प्रति भी रुचि बढ़ी है और हिंदी सीखने-सिखाने की मांग भी बढ़ी है। यह भारत के लिए, विशेषकर हिंदी भाषा के लिए शुभ संकेत है। आज शिक्षा गरीबों की पहुँच से बाहर होती जा रही है। इसका कारण है।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प चुनिए। आज शिक्षा के क्षेत्र में भी बाजारीकरण हो जाने के कारण शिक्षा महँगी और गरीबों की पहुंच से बाहर हो चुकी है। एक ओर तो रुचि और उपयोगिता के अनुसार उपयुक्त शिक्षा पाने के लिए गरीबों के पास धन उपलब्ध नहीं है, तो वहीं जो संपन्न हैं उनके पास समय का अभाव है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था एक बेहतर विकल्प के तौर पर उभरी है। पिछले वर्ष देश के गरीब और स्कूल न जा सकने वाले बच्चों के लिए सरकार की ओर से प्रभावी कदम उठाते हुए ई-शिक्षा व्यवस्था की शुरुआत करते हुए स्वयं डॉट जीओवी डॉट इन वेब पोर्टल की शुरुआत की गई है। इससे बच्चे ऑनलाइन शिक्षा पा सकेंगे और उन्हें किसी भी तरह का शुल्क नहीं देना होगा। इस पोर्टल की विशेषता यह है कि इससे छान मैनेजमेंट, इंजीनियरिंग सहित तमाम पाठ्यक्रमों की पढ़ाई घर बैठे कर सकेंगे। इससे छात्रों को घर बैठे ही सर्टिफिकेट और डिग्री भी हासिल होंगे, जो किसी भी विश्वविद्यालय में मान्य होंगे। ऑनलाइन एजुकेशन के प्रति लोगों का बढ़ता उत्साह देखकर कहा जा सकता है कि भारत में इसका भविष्य उज्ज्वल है। यही कारण है कि अब अधिकतर शिक्षण संस्थान इस व्यवस्था को अपना रहे हैं। पढ़ाई का बढ़ता खर्च और किसी भी प्रोफेशनल कोर्स की डिग्री प्राप्त करने के लिए कॉलेजों का चुनाव, प्रवेश परीक्षा और फिर एक साथ मोटी फीस चुकाना युवाओं की बढ़ती संख्या के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है। भारत में केवल बारह प्रतिशत छात्रों को विश्वविद्यालय में प्रवेश मिलता है। ऐसे में ऑनलाइन शिक्षा देने वाली कंपनियों के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार बन गया है। आज एक-दूसरे को समझने-जानने की जिज्ञासा भी लोगों में बढ़ी हुई देखी जाती है। ऐसे में किसी देश की भाषा सीखना आवश्यक हो जाता है क्योंकि भाषा सीखने से उस देश की संस्कृति तथा अन्य बातें समझी जा सकती हैं। इसीलिए भारत के प्रति भी रुचि बढ़ी है और हिंदी सीखने-सिखाने की मांग भी बढ़ी है। यह भारत के लिए, विशेषकर हिंदी भाषा के लिए शुभ संकेत है। ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था का तात्पर्य है