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100 N का बल 20 kg द्रव्यमान के पिंड पर क...

100 N का बल 20 kg द्रव्यमान के पिंड पर कितने समय तक कार्य करे कि वह पिंड 100 m/s का वेग प्राप्त ...

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Rs. 8000 is distributed among A, B and C such that they receive notes of Rs. 500, Rs. 200 and Rs. 100 respectively. The amounts received by them are in the ratio 15:2:3. What was the ratio of the numbers of notes of Rs. 500, Rs 200 and Rs 100 ? 8000 रुपये A, B और C के बीच इस प्रकार वितरित किये जाते हैं कि उन्हें क्रमशः 500, 200 और 100 रुपये के नोट प्राप्त होते हैं | उनके द्वारा प्राप्त की गयी राशि का अनुपात 15 : 2 : 3 है | 500, 200 तथा 100 रुपये के नोटों की संख्या का अनुपात ज्ञात करें |

The given pie Chart (angles are not as per chosen scale) presents the marks scored by Amit in five subjects. Maximum marks in each subject = 100 Total score of Amit = 450 दिया गया वृत्त-आरेख ( कोण किसी चयनित पैमाने के अनुसार नहीं हैं ) पांच विषयों में अमित के द्वारा प्राप्त किये गए अंकों को दर्शाता है | प्रत्येक विषय के अधिकतम अंक = 100 अमित का कुल प्राप्तांक =450 The total marks scored by Amit in English and S. Studies is what percent (correct to one decimal place) more than the marks scored by him in Maths? अमित के द्वारा अंग्रेजी और सामाजिक विज्ञान में प्राप्त किये गए कुल अंक उसके द्वारा गणित में प्राप्त किये गए अंकों से कितना प्रतिशत अधिक हैं ? ( एक दशमलव स्थान तक )

दृढ़ पिंड|दृढ़ पिंड का द्रव्यमान केंद्र|दृढ़ पिंड की सामान्य गति|घूर्णी गति|सामान्य गति|बल आघूर्ण|घूर्णी गति के कार्य एवं शक्ति|घूर्णी गति के समीकरण|One Minute Revision

The distance between the places H and O is D units. The average speed that gets a person from H to O in a stipulated time is S units. He takes 20 minutes more time than usual if he travels at 60 km/h, and reaches 44 minutes early if he travels 75 km/h. The sum of the numerical values of D and S is: H और O स्थानों के बीच की दूरी D इकाई है। H से O तक जाने में एक निर्धारित समय में S इकाई की औसत चाल को प्राप्त करता है। यदि वह 60 किमी/घंटा की चाल से यात्रा करे, तो उसे सामान्य की तुलना में 20 मिनट अधिक समय लगेगा और वह यदि वह 75 किमी/घंटा की चाल से यात्रा करे, तो वह 44 मिनट पहले पहुँचेगा। D और S के संख्यात्मक मान का जोड़ है:

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये पाश्चात्य सभ्यता एवं संस्कृति में बहुत-सी अच्छी बातें होते हुए भी वह मूलतः अधिकार प्रधान, भोग प्रधान है, उसमें अपने सुख की प्रवृत्ति प्रधान है। इसलिए यहाँ प्रधान शरीर-सुख-भोग तथा उसके निमित्त अगणित साधन जुटाने को और है जबकि भारतीय संस्कृति अनेक बुराइयों के होते हुए भी मुख्यतः धर्म प्रधान, कर्तव्य प्रधान, त्याग और तपस्या प्रवृत्ति-मूलक संस्कृति है। विश्व-मानव या विश्व-मानवता एवं संस्कृति का निर्माण तभी सम्भव है जब मनुष्य अपने शरीर का विचार इस सीमा तक न करे कि उस प्रयत्न में वह आत्मा, वह प्राण ज्योति ही तिरोहित हो जाए जिससे मानव, मानव है। स्पष्टतः भारतीय संस्कृति में, अहिंसक जीवन निर्माण की, दूसरों के लिए जीने की सम्भावनाएँ अधिक होने से गाँधी जी को श्रद्धा थी कि भारतीय संस्कृति ही हमारे जीवन का दीप है और वही विश्व-संस्कृति या विश्व-मानवता की आध रिशिला बन सकती है। उपर्युक्त गद्यांश का सर्वाधिक उपयुक्त शीर्षक है