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एक नारियल व्यापारी को यह ज्ञात है कि 275...

एक नारियल व्यापारी को यह ज्ञात है कि 2750 नानियलों को क्र.मू. 2500 नारियलों के वि. मू. के बराबर

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By selling 25 metres of cloth a trader gains the selling price of 5 metres of cloth. The gain of the trader in % is:- एक व्यापारी को 25 मीटर, कपड़ा बेचने पर 5 मीटर कपड़े के बिक्री मूल्य के बराबर लाभ प्राप्त होता है। तदनुसारे, उस व्यापारी का लाभ कितने प्रतिशत है?

Rs 820 is divided among 6 men, 8 women and 12 boys in such a way that every woman gets an amount equal to that received by one man and one boy combined and that every man gets one and a half times the amount received by a boy. What is the total amount received by 8 women? 820 रुपये को 6 पुरुषों, 8 महिलाओं तथा 12 लड़कों के बीच इस प्रकार विभाजित किया जाता है कि प्रत्येक महिला को एक पुरुष तथा एक लड़के को मिली संयुक्त राशि के बराबर राशि मिलती है तथा प्रत्येक पुरुष को एक लड़के को मिली राशि से डेढ़ गुना राशि मिलती है| 8 महिलाओं को मिली कुल राशि ज्ञात करें |

Assume that a drop of water is spherical and its diameter is one-tenth of a cm. A conical glass has a height equal to the diameter of its rim. If 32000 drops of water can fill the glass completely, then the height of the glass (in cm.) is मान लें कि पानी को एक बूंद गोलाकार है और इसका व्यास एक सेमी का दसवां हिस्सा है। एक शंक्वाकार गिलास की ऊँचाई, उसके आधार (rim) के व्यास के बराबर है। यूदि 32000 पानी की बूंदें गिलास को पूरी तरह से भर देती हैं, तो गिलास को ऊँचाई (सेमी में) कितना है?

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा आज दुविधा के अजब दोराहे पर खड़ी है। एक रास्ता चकाचौंध का है, मृगतृष्णा का है। बाजार की मृगतृष्णा शिक्षार्थी को लोभ-लालच देकर अपनी तरफ दौडाते रहने को विवश करने को उतारू खड़ी है। बाजार के इन ललचाने वाले रास्तों पर आकर्षण है, चकाचौंध है और सम्मोहित कर देने वाले सपने हैं। दूसरी तरफ शिक्षा का साधना मार्ग है जो शांति दे सकता है, संतोष दे सकता है और हमारे आत्मतत्त्व को प्रबल करता हुआ विमल विवेक दे सकता है। निश्चित ही वह मार्ग श्रेयस्कर है, मगर अपनी ओर आकर्षित करने वाले बाजार का मार्ग प्रेयस्कर है। इस दोराहे पर खड़ा शिक्षार्थी बाजार को चुन लेता है। लाखों-करोड़ों लोग आज इसी रास्ते के लालच में आ गए हैं और शिक्षा के भंवरजाल में फंस गए हैं। बाजार की खूबी यही है कि वह फंसने का अहसास किसी को नहीं होने देता और मनुष्य लगातार फसता चला जाता है। किसी को यह महसूस नहीं होता कि वह दलदल में हैं बल्कि महसूस यह होता है कि बाजार द्वारा दिए गए पैकेज के कारण वह सुखी है। अब यह अलग बात है कि सच्चा सुख क्या है? और सुख का भ्रम क्या है? जरूरत विचार करने की है। सवाल यह है कि बाजार विचार करने का भी अवकाश देता है या कि नहीं। लेखक ने शिक्षा के संदर्भ में किस बात को महत्त्व दिया है ?