Home
Class
SCIENCE
A.P.: 24, 21, 18,… के कितने पद लिए जाएँ,...

A.P.: 24, 21, 18,… के कितने पद लिए जाएँ, ताकि उनका योग 78 हो? | 10 | समांतर श्रेढ़ियाँ | MATHS |...

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

24 persons working 8 hours a day can complete 2 units of a work in 10 days. How many persons are required to complete 4 units of that work, if they work 6 hours a day for 16 days? एक दिन में 8 घंटे कार्य करते हुए 24 व्यक्ति किसी कार्य की 2 इकाई 10 दिनों में समाप्त कर सकते हैं | इस कार्य की 4 इकाई समाप्त करने के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होगी यदि वे 16 दिनों तक एक दिन में 6 घंटे कार्य करते हैं ?

18 persons working 8 hours a day can complete 3 units of works in 10 days. How many persons are required to complete 5 units of that work in 16 days working 6 hours a day? एक दिन में 8 घंटे कार्य करते हुए 18 व्यक्ति किसी कार्य की 3 इकाई 10 दिनों में समाप्त कर सकते हैं | प्रतिदिन 6 घंटे कार्य करते हुए 16 दिन में इस कार्य की 5 इकाई समाप्त करने के लिए कितने लोगों की आवश्यकता होगी ?

By selling 18 table fans for ₹ 11,664 a man incurs a loss of 10%. How many fans should he sell for ₹ 17,424 to earn 10% profit? 18 टेबल पंखों को 11,664 रुपये में बेचने के बाद एक व्यक्ति को 10% की हानि होती है | 10% का लाभ कमाने के लिए उसे 17,424 रुपये में कितने पंखे बेचने चाहिए ?

X did a task for 24 days and left it incomplete. He could have finished the task all by himself in a total of 36 days. Y, who can finish the task alone in 18 days, will take how many more days to complete the task? X ने 24 दिनों के लिए एक कार्य किया और उसे अधूरा छोड़ दिया। वह कुल 36 दिनों में अकेला सारा काम पूरा कर सकता था। Y, जो 18 दिनों में अकेले कार्य पूरा कर सकता है, उसे इस कार्य को पूरा करने में कितने और दिन लगेंगे?

How many kg of the rice costing ₹ 42 per kg should be mixed with 7 1/2 kg rice costing ₹ 50 per kg so that by selling the mixture at ₹ 53.10 per kg, there is a gain of 18%? कितने किलो चावल जिसकी लागत ₹42 प्रति किलोग्राम है, जिसे 7 1/2 किलोग्राम चावल , जिसकी लागत ₹50 प्रति किलोग्राम है, के साथ मिलाया जाना चाहिए ताकि मिश्रण को ₹ 53.10 रुपये प्रति किलोग्राम पर बेचकर 18% का लाभ हो|

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। आज शिक्षक की भूमिका उपदेशक या ज्ञानदाता की-सी नहीं रही। वह तो मात्र एक प्रेरक है कि शिक्षार्थी स्वयं सीख सकें। उनके किशोर मानस को ध्यान में रखकर शिक्षक को अपने शिक्षण कार्य के दौरान अध्ययन-अध्यापन की परंपरागत विधियों से दो कदम आगे जाना पड़ेगा, ताकि शिक्षार्थी समकालीन यथार्थ और दिनप्रतिदिन बदलते जीवन की चुनौतियों के बीच मानवमूल्यों के प्रति अडिग आस्था बनाए रखने की प्रेरणा ग्रहण कर सके। पाठगत बाधाओं को दूर करते हुए विद्यार्थियों की सहभागिता को सही दिशा प्रदान करने का कार्य शिक्षक ही कर सकता है। भाषा शिक्षण की कोई एक विधि नहीं हो सकती। जैसे मध्यकालीन कविता में अलंकार, छंदविधान, तुक आदि के प्रति आग्रह था किंतु आज लय और प्रवाह का महत्त्व है। कविता पढ़ाते समय कवि की युग चेतना के प्रति सजगता समझना आवश्यक है। निबंध में लेखक के दृष्टिकोण और भाषा-शैली का महत्त्व है और शिक्षार्थी को अर्थग्रहण की योग्यता का विकास जरूरी है। कहानी के भीतर बुनी अनेक कहानियों को पहचानने और उन सूत्रों को पल्लवित करने का अभ्यास शिक्षार्थी की कल्पना और अभिव्यक्ति कौशल को बढ़ाने के लिए उपयोगी हो सकता है। कभी-कभी कहानी का नाटक में विधा परिवर्तन कर उसका मंचन किया जा सकता है। मूल्यांकन वस्तुतः सीखने की ही एक प्रणाली है, ऐसी प्रणाली जो रटंत प्रणाली से मुक्ति दिला सके। परंपरागत साँचे का अनुपालन न करे, अपना ढाँचा निर्मित कर सके। इसलिए यह गाँठ बाँध लेना आवश्यक है कि भाषा और साहित्य के प्रश्न बँधे-बँधाए उत्तरों तक सीमित नहीं हो सकते। शिक्षक पूर्वनिर्धारित उत्तर की अपेक्षा नहीं कर सकता। विद्यार्थियों के उत्तर साँचे से हटकर किंतु तर्क संगत हो सकते हैं और सही भी। इस खुलेपन की चुनौती को स्वीकारना आवश्यक है। समास की दृष्टि से कौन-सा पद शेष से भिन्न है ?

आपको किसी महत्त्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी में क्या कठिनाई हो रही है? क्या ऐसा करने में समय की कमी महसूस हो रही है? अगर आपका जवाब 'हाँ' है, तो आपको समय प्रबंधन सोखने की जरूरत है। समय प्रबंधन किसी भी परीक्षा की तैयारी का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है। बहुत से परीक्षार्थी ऐसे है, जो परीक्षाओं की तैयारी देर से और बेतरतीब ढंग से शुरू करते हैं, जिससे उन्हें समयाभाव सबसे बड़ा शत्रु की तरह दिखने लगता है। बिना समय प्रबंधन के उस अनुपात में फायदा नहीं हो पाता, जिस अनुपात में आप मेहनत करते हैं। वास्तव में समय की गति को या उसके स्वभाव को मैनेज नहीं किया जा सकता, क्योंकि न तो इसे धीमा किया जा सकता है और न ही रोका जा सकता है। आप स्वयं को मैनेज करते हुए सिर्फ इसका सही उपयोग कर सकते है। वास्तविकता यही है। सबसे पहले आप यह निर्धारित करें कि आपका वर्तमान समय कैसे व्यतीत हो रहा है। आप पिछले एक सप्ताह के अपने कार्यकलाप को एक पेपर पर लिखकर देखिए कि आपने टाइमटेबल का कितना और कैसा अनुसरण किया है। पूरे सप्ताह में कितने घंटे सेल्फ-स्टडी की है और आपका निर्धारित सिलेबस का कितना हिस्सा नहीं हो पाया है। एक बार पूरा विश्लेषण करने के बाद आप स्वयं को समय के हिसाब से बदलना शुरू कर सकते हैं। समय बचाने के लिए किसी विशेषज्ञ की टिप्स काम आ सकती है परंतु सबसे अधिक प्रभाव आपके निश्चय, समर्पण और समय नियोजन का रहेगा। समय प्रबंधन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और यह सफलता की दिशा में निर्णायक होगा। 'महत्त्वपूर्ण' पद का समास-विग्रह होगा।

आपको किसी महत्त्वपूर्ण परीक्षा की तैयारी में क्या कठिनाई हो रही है? क्याऐसा करने में समय की कमी महसूस हो रही है? अगर आपका जवाब हाँ है, तो आपको समय प्रबन्धन सीखने की जरूरत है। समय प्रबन्धन किसी भी परीक्षा की तैयारी का सबसे महत्त्वपूर्ण पहलू है। बहुत से परीक्षार्थी ऐसे है, जो परीक्षाओं की तैयारी देर से और बेहतरीन ढंग से शुरू करते हैं, जिससे उन्हें समयाभाव सबसे बड़े शत्रु की तरह दिखने लगता है। बिना समय प्रबन्धन के उस अनुपात में फायदा नहीं हो पाता, जिस अनुपात में आप मेहनत करते हैं। वास्तव में समय की गति को या उसके स्वभाव को मैनेज नहीं किया जा सकता, क्योकि न तो इसे धीमा किया जा सकता है और न ही रोका जा सकता है। आप स्वयं को मैनेज करते हुए सिर्फ इसका सही उपयोग. कर सकते हैं। वास्तविकता यही है। सबसे पहले आप यह निर्धारित करें कि आपका वर्तमान समय कैसे व्यतीत हो रहा है। आप पिछले एक सप्ताह के अपने कार्यकलाप को एक पेपर पर । लिखकर देखिए कि आपने टाइमटेबल का कितना और कैसा अनुसरण किया है। पूरे सप्ताह में कितने घण्टे सेल्फ-स्टडी की है और आपका निर्धारित सिलेबस का कितना हिस्सा नहीं हो पाया है। एक बार पूरा विश्लेषण करने के बाद आप स्वयं को समय के हिसाब से बदलना शुरू कर सकते हैं। समा बचाने के लिए किसी विशेषज्ञ की टिप्स काम आ सकती है, परन्तु सबसे ' अधिक प्रभाव आपके निश्चय, समर्पण और समय नियोजन का रहेगा। समयप्रबन्धन आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और यह सफलता की दिशा में निर्णायक होगा। 'महत्त्वपूर्ण पद का समास-विग्रह होगा

If 16 men working 12 hours a day can complete a work in 27 days, then working for how many hours a day can 18 men complete the work in 24 days ? यदि 16 पुरुष प्रतिदिन 12 घंटे कार्य करके किसी कार्य को 27 दिनों में पूरा करते हैं, तो इस कार्य को 24 दिनों में पूरा करने के लिए 18 पुरुषों को दिन में कितने घंटे कार्य करना पड़ेगा ?

Recommended Questions
  1. A.P.: 24, 21, 18,… के कितने पद लिए जाएँ, ताकि उनका योग 78 हो? | 10 | ...

    Text Solution

    |

  2. आप किस आधार पर यह कह सकते हैं की स्केंडियम (Sc = 21) एक संक्रमण तत्व ह...

    Text Solution

    |

  3. 12.5 xx 10^(18) इलेक्ट्रॉनों के आवेश की गणना कीजिए ।

    Text Solution

    |

  4. धारामापी , अमीटर एवं वोल्टमीटर में से किसका प्रतिरोध अधिकतम तथा किसका ...

    Text Solution

    |

  5. 2xx10^(-10) मी त्रिज्या के वृत्ताकार मार्ग पर एक इलेक्ट्रॉन 3 xx 10 ...

    Text Solution

    |

  6. 10ओम प्रतिरोध तथा 10 हेनरी प्रेरकत्व की एक कुण्डली 50 वोल्ट की ब...

    Text Solution

    |

  7. एक भिन्न इस प्रकार है कि यदि इसके अंश को 3 से गुणा किया जाए और हर से 3...

    Text Solution

    |

  8. 2x + 3y = 11 और 2x -4y = - 24 को हल कीजिए और इससे 'm ' का वह मान ज्...

    Text Solution

    |

  9. समस्याओ में रेखिक समीकरण युग्म बनाइए और उनके हल प्रतिस्थापन विधि द्...

    Text Solution

    |