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एक तार को खींचकर उसकी लम्बाई दोगुनी करने...

एक तार को खींचकर उसकी लम्बाई दोगुनी करने पर उसका प्रतिरोध हो जाएगा- | 12 | विधुत धारा | PHYSICS ...

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A rectangular lawn whose length is twice of its breadth is extended by having four semi-circular portions on its sides. What is the total cost (in Rs.) of levelling the entire lawn at the rate of Rs.100 per square metre if the smaller side of the rectangle lawn is 12 m? (Take pi= 3.14 ) एक आयताकार लॉन जिसकी लंबाई उसकी चौड़ाई से दोगुनी है, उसके भुजाओ पर चार अर्ध-वत्ताकार हिस्से बनाकर इसे बढ़ाया जाता है। यदि आयताकार लॉन की चौड़ाई 12 मीटर है तो पूरे लॉन को 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से समतल करने में कुल लागत (रु में) क्या है ? (मानिए pi = 3.14)

In a certain language, a letter is coded by the letter at the same position but from the end of the English alphabet. then how will the word MANGO be written in that code language? किसी भाषा में, एक अक्षर को उसी स्थान पर उसका अंक पीछे से गिनती करने पर लिखा जाता है| इस भाषा में MANGO को क्या लिखा जाएगा ?

Ramesh spends 40% of his monthly salary on food, 18% on house rent, 12% on entertainment, and 5% on conveyance. But due to a family function he has to borrow Rs. 16,000 from a money lender to meet the expense of 20,000. His monthly salary (in Rs.)is: रमेश अपने मासिक वेतन का 40% भोजन पर, 18% घर के किराये पर, 12% मनोरंजन पर और 5% वाहन पर खर्च करता है। लेकिन एक पारिवारिक समारोह के कारण उसे 20,000 के खर्च को पूरा करने के लिए एक ऋणदाता से 16,000 रुपये उधार लेने पड़े। उसका मासिक वेतन (रुपये में) क्या है?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मनु बहन ने पूरे दिन की डायरी लिखी, लेकिन एक जगह लिख दिया, 'सफाई वगैरह की। गांधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर उस पर अपने हस्ताक्षर करते थे। आज की डायरी पर हस्ताक्षर करते हुए गांधीजी ने लिखा,कातने की गति का हिसाब लिखा जाए। मन में आए हुए विचार लिखे जाएं। जो-जो पढ़ा हो, उसकीटिप्पणी लिखी जाए। जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा, जो'वगैरह' का उपयोग नहीं होना चाहिए। डायरी में 'वगैरह' शब्द के लिए कोई स्थान नहीं है" जिसने जो पढ़ा हो, वह लिखा जाए। ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो जाएगा, जो बातें हुई हों वे लिखी जाए। मनु ने अपनी गलती का अहसास किया और डायरी विधा की पवित्रता को समझा। गांधीजी ने पुनः मनु से कहा-"डायरी लिखना आसान कार्य नहीं है। यह इबादत करने जैसी विधा है। हमें शुद्ध व सच्चे रूप से प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना को निष्पक्ष रूप से लिखना चाहिए चाहे कोई बात हमारे विरुद्ध ही क्यों न जा रही हो। इससे हममेंसच्चाई स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी। मनु को अपनी किस गलती का अहसास हुआ?

विद्याभ्यासी पुरुष को साथियों का अभाव कभी नहीं रहता। उसकी कोठरी में सदा ऐसे लोगों का वास रहता है, जो अमर हैं। चे उसके प्रति सहानुभूति प्रकट करने और उसे समझने के लिए सदा प्रस्तुत रहते हैं। कवि, दार्शनिक और विद्वान् जिन्होंने प्रकृति के रहस्यों का उद्घाटन किया है और बड़े-बड़े महात्मा जिन्होंने आत्मा के गूढ़ रहस्यों की थाह लगा ली है, सदा उसकी बातें सुनने और उसकी शंकाओं का समाधान करने के लिए उद्यत रहते हैं। बिना किसी उद्देश्य के सरसरी तौर पर पुस्तकों के पन्ने उलटते जाना अध्ययन नहीं है । लिखी हुई बातों को विचारपूर्वक पूर्णरूप से हृदय से ग्रहण करने का नाम अध्ययन है। प्रत्येक स्त्री-पुरूष को अपने पढ़ने का उद्देश्य स्थिर कर लेना चाहिए। इसके लिए सबसे मुख्य बात यह है कि पढ़ना नियमपूर्वक हो अर्थात् इसके लिए नित्य का समय उपयुक्त होता है। विद्या का अभ्यास करने वाले व्यक्तियों को साथियों की कमी महसूस नहीं होती है क्योंकि