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कड़ी मेहनत ⚔ के बाद भी नहीं मिलता अच्छा R...

कड़ी मेहनत ⚔ के बाद भी नहीं मिलता अच्छा RESULT ? #hardwork #motivation #boardexam2024 #english

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अध्यापक द्वारा समझाने के बाद भी पहली कक्षा की मोनिका सर्वनाम समझ नहीं पा रही है इस स्थिति में अध्यापक को क्या करना चाहिए ?

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है" इस वाक्य को लेखक ने माना है

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। आज के कामकाजी आदमी की विशेषता है कि

निर्देश :निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये मैने 'अतिथि' शब्द के समानान्तर एक दूसरा शब्द गढ़ा है 'असमय। अतिथि का अर्थ है जिसकी आने की तिथि न हो अर्थात् आने का दिन निश्चित न हो, मतलब कि जो बिना पूर्व सूचना के अकस्मात् टपक पड़े। ठीक उसी तरह 'असमय' का अर्थ कीजिए कि जिसका समय न हो जब चाहे आ जाए और आने में ही नहीं जाने में भी “असमय' हो। तात्पर्य की कब तक रहेगा, कब जाएगा इसका कोई ठिकना नहीं। मैं 'अतिथियों से नहीं घबराता पर 'असमय' से जरूर काँपता हूँ, कारण है कि मै कामकाजी आदमी हैं।' इस युग में कौन काम-काजी नहीं है। जिसको देखिए वही अस्त-व्यस्तता के मारे परेशान है। आजकल बड़प्पन देखने के कई साधन हैं, उनमें एक यह कहना भी कि 'क्या बताऊँ साहब, खाना खाने तक की फुरसत नहीं मिलती, नींद और चैन हराम है।' बात बहुत गलत हो, ऐसा नहीं। जिसको देखिए, चेहरे पर हवाइयां उड़ रही हैं, नाक की सीध में दौड़ा जा रहा है। जिधर नजर डालिये उधर ही भाग-दौड़। आदमी ने मशीनें इजाद की आराम के लिए मगर मकड़े की तरह वह उन मशीनों में ही उलझकर अपनी आजादी खो बैठा, अपनी आदमियता खो बैठा। बाल-बच्चों के बीच भी दस मिनट इत्मीनान से बैठने का, दिल बहलाने का समय नहीं मिलता। मशीनों की खोज का कारण था कि