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आयन क्या होते है? उदाहरण दीजिए। | 9 | प्रश्न पत्र 2021 | CHEMISTRY | UP BOARD PREVIOUS YEAR | D...

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दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 22 मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है, बाण ही होते विचारों के नहीं केवल, स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है। स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे रोज ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं वे, रोकिए, जैसे बने इन स्वप्नवालों को स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं वे 'स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है' पंक्ति में अलंकार है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 22 मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है, बाण ही होते विचारों के नहीं केवल, स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है। स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे रोज ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं वे, रोकिए, जैसे बने इन स्वप्नवालों को स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं वे मनु-पुत्र में समास है

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 22 मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है, बाण ही होते विचारों के नहीं केवल, स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है। स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे रोज ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं वे, रोकिए, जैसे बने इन स्वप्नवालों को स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं वे 'आकाश' शब्द का विलोम है।

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 22 मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है, बाण ही होते विचारों के नहीं केवल, स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है। स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे रोज ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं वे, रोकिए, जैसे बने इन स्वप्नवालों को स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं वे कवि के अनुसार किसकी जीभ में तेज धार होती है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 22 मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है, बाण ही होते विचारों के नहीं केवल, स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है। स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे रोज ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं वे, रोकिए, जैसे बने इन स्वप्नवालों को स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं वे किसके हाथ में तलवार होती है?

दिए गए पद्यांश को ध्यान से पढ़िए और उसके आधार पर पूछे गए प्रश्न का यथोचित उत्तर दीजिए। पद्यांश 22 मनु नहीं, मनु-पुत्र है यह सामने, जिसकी कल्पना की जीभ में भी धार होती है, बाण ही होते विचारों के नहीं केवल, स्वप्न के भी हाथ में तलवार होती है। स्वर्ग के सम्राट को जाकर खबर कर दे रोज ही आकाश चढ़ते जा रहे हैं वे, रोकिए, जैसे बने इन स्वप्नवालों को स्वर्ग की ही ओर बढ़ते आ रहे हैं वे कौन स्वर्ग की ओर बढ़ते चले जा रहे हैं?