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PHYSICS - SY
चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वाकर्षण बल केवल ...

चंद्रमा की सतह पर गुरुत्वाकर्षण बल केवल `1//6` गुरुत्वाकर्षण बल है

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चन्द्रमा पर गुरुत्वाकर्षण के कारण त्वरण है ?

परिचय |न्यूटन तथा गुरुत्वाकर्षण नियम |गुरुत्वाकर्षण बल की विशेषताएँ

गुरुत्वाकर्षण बल का परिचय|गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम|गुरुत्व बल के प्रभाव में वस्तुओं की गति|द्रव्यमान तथा भार|आर्किमीडीज का सिद्धांत|Summary

आकर्षण बल |गुरुत्वाकर्षण बल |गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम |मुक्त पतन |गुरुत्वीय त्वरण |द्रव्यमान |भार |प्रणोद |उत्प्लावन बल |आर्किमिडीज का सिद्धांत |Summary

Revision|गोलाकार द्रव्यमान वितरण के कारण गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की तीव्रता|गोलीय कोश के कारण गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र की तीव्रता|गुरुत्व के कारण त्वरण|OMR|Summary

दोहरान |स्थिर-वैद्युत बल |गुरुत्वाकर्षण बल |दाब |सारांश

भौतिकी क्या है |प्रकृति मे मूल बल |गुरुत्वाकर्षण बल |OMR|Summary

गुरुत्वाकर्षण बल |गुरुत्वाकर्षण का सार्वत्रिक नियम |न्यूटन का सार्वत्रिक नियम - अभ्यास प्रश्न |Summary

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!

चिरसम्मत भौतिकी|क्वांटम भौतिकी|प्रकृति में मूल बल|गुरुत्वाकर्षण बल|वैद्युतचुंबकीय बल|प्रबल नाभिकीय बल|दुर्बल नाभिकीय बल|प्रौद्योगिकी एवं समाज में भौतिकी का योगदान|भौतिक विज्ञान तथा समाज का सम्बन्ध|वैज्ञानिक और उसके आविष्कार