नेपोलियन बोनापार्ट|नेपोलियन बोनापार्ट का शासन काल|नेपोलियन की संहिता की विशेषताएँ|फ्रांसीसी शासन के प्रति प्रतिक्रियाएँ|यूरोप में राष्ट्रवाद|यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय को जन्म देने वाले कारक|यूरोप में राष्ट्र - राज्य का निर्माण|सामाजिक व्यवस्था|कुलीन वर्ग|निम्न वर्ग|नए मध्यम वर्ग|Revision
नेपोलियन बोनापार्ट|नेपोलियन बोनापार्ट का शासन काल|नेपोलियन की संहिता की विशेषताएँ|फ्रांसीसी शासन के प्रति प्रतिक्रियाएँ|यूरोप में राष्ट्रवाद|यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय को जन्म देने वाले कारक|यूरोप में राष्ट्र - राज्य का निर्माण|सामाजिक व्यवस्था|कुलीन वर्ग|निम्न वर्ग|नए मध्यम वर्ग|Revision
Similar Questions
Explore conceptually related problems
राष्ट्रवाद|यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय|फ्रांसीसी क्रांति|राष्ट्र की भावना की रचना|नेपोलियन|जनता की प्रतिक्रिया|क्रांति के पहले की स्थिति|OMR
राष्ट्रवाद|यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय|फ्रांसीसी क्रांति|राष्ट्र की भावना की रचना|नेपोलियन|जनता की प्रतिक्रिया|क्रांति के पहले की स्थिति|OMR
राष्ट्रवाद|यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय|फ्रांसीसी क्रांति|राष्ट्र की भावना की रचना|नेपोलियन|जनता की प्रतिक्रिया|क्रांति के पहले की स्थिति|OMR
अभिजात वर्ग|मध्यम वर्ग का उदय|उदार राष्ट्रवाद की भावना|मताधिकार|आर्थिक क्षेत्र में उदारीकरण|रूढ़िवाद का जन्म|वियेना संधि|OMR
अभिजात वर्ग|मध्यम वर्ग का उदय|उदार राष्ट्रवाद की भावना|मताधिकार|आर्थिक क्षेत्र में उदारीकरण|रूढ़िवाद का जन्म|वियेना संधि|OMR
अभिजात वर्ग|मध्यम वर्ग का उदय|उदार राष्ट्रवाद की भावना|मताधिकार|आर्थिक क्षेत्र में उदारीकरण|रूढ़िवाद का जन्म|वियेना संधि|OMR
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये फ्रांस के महान योद्धा नेपोलियन बोनापार्ट का मानना था कि 'असम्भव' शब्द आत्मविश्वास से भरे मनुष्यों के शब्दकोष में नहीं, अपितु मूखों व कायरों के शब्दकोष में पाया जाता है जो व्यक्ति कुछ पाना, कुछ कर दिखाना चाहते हैं और विपरीत परिस्थितियों को पलटकर अपने अनुरूप करना चाहते हैं, उन्हें सर्वप्रथम अपने आप पर भरोसा करना सीखना होगा, अन्यथा सारी योग्यता और मेहनत निरर्थक साबित हो सकता है। आत्मविश्वास सफलता की वह चाबी है, जिससे आप अपने उज्जवल भविष्य का दरवाजा आसानी से खोल सकते हैं। आत्मविश्वास से भरा व्यक्ति अपनी क्षमता पहचान सकता है और उसके अनुरूप जीवन के लिए लक्ष्य निर्धारित कर यथोचित उद्यम द्वारा उसे हासिल कर सकता है, कहते हैं- 'मन के हारे हार हैं, मन के जीते जीत' स्वयं पर भरोसा हो, तो व्यक्ति अपनी योग्यता, सही तैयारी एवं अपेक्षित प्रयत्न के सहारे लक्ष्य तक पहुंच जाता है। पर आत्मविश्वास की कमी सभी उद्यमों को असफल बना सकती है। आत्मविश्वास व्यक्ति को दुविधा और अनिश्चय की मनःस्थिति से निकाल कर उसे दृढ़ विश्वास और दृढ़ निश्चय की मनःस्थिति में पहुंचाता है लेकिन साथ में यह सावधानी भी बेहद जरूरी है कि आत्मविश्वास की कमी से मुक्त होकर कार्य करना और उसे निरन्तर बनाए रखना इस गीत 'हम होगें कामयाब' की अटूट आस्था में निहित है। इसी विश्वास के साथ कोई भी आत्मविश्वास प्राप्त करने की यात्रा प्रारम्भ कर सकता है। नेपोलियन बोनापार्ट ने - 'असंभव' शब्द के बारे में कहा था
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न के उत्तर दीजिए: गांधीजी सत्य और अहिंसा को जीवन में सर्वाधिक महत्व देते थे, सत्याग्रह व असहयोग आंदोलन द्वारा उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया। गांधीजी सब मनुष्यों को समान मानते थे। धर्म, जाति, संप्रदाय, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को वे मानवता का कलंक मानते थे। वे आर्थिक असमानता को भी मिटा डालना चाहते थे। सामाजिक न्याय, शारीरिक श्रम को महत्व देते थे। गांधीजी प्रजातांत्रिक राज्य को कल्याणकारी मानते थे। गांधीजी के अनुसार, नैतिक आचरण का जीवन में विशेष स्थान होना चाहिए। सत्य, न्याय, धर्म, अहिंसा, अपरिग्रह, निःस्वार्थ सेवा को मानवता के लिए सच्ची सेवा मानते थे। उनके राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विचारों में वसुधैव कुटुम्बकम का दृष्टिकोण प्रमुख था। उनकी मान्यता थी कि किसी राष्ट्र का समुचित उत्थान अपने परिवार, जाति, गांव, प्रदेश तथा देश की समस्याओं के सुधार से हो सकता है। स्वयं को सुधारों, सारा विश्व सुधरेगा उनका कहना सही था। निम्न में से स्त्रीलिंग कौन-सा है?
निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्न संख्या 81 से 85 तक के उत्तर दीजिए: गांधीजी सत्य और अहिंसा को जीवन में सर्वाधिक महत्व देते थे, सत्याग्रह व असहयोग आंदोलन द्वारा उन्होंने अंग्रेजों का मुकाबला किया। गांधीजी सब मनुष्यों को समान मानते थे। धर्म, जाति, संप्रदाय, रंग आदि के आधार पर होने वाले भेदभाव को वे मानवता का कलंक मानते थे। वे आर्थिक असमानता को भी मिटा डालना चाहते थे। सामाजिक न्याय, शारीरिक श्रम को महत्व देते थे। गांधीजी प्रजातांत्रिक राज्य को कल्याणकारी मानते थे। गांधीजी के अनुसार, नैतिक आचरण का जीवन में विशेष स्थान होना चाहिए। सत्य, न्याय, धर्म, अहिंसा, अपरिग्रह, निःस्वार्थ सेवा को मानवता के लिए सच्ची सेवा मानते थे। उनके राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय विचारों में वसुधैव कुटुम्बकम का दृष्टिकोण प्रमुख था। उनकी मान्यता थी कि किसी राष्ट्र का समुचित उत्थान अपने परिवार, जाति, गांव, प्रदेश तथा देश की समस्याओं के सुधार से हो सकता है। स्वयं को सुधारों, सारा विश्व सुधरेगा उनका कहना सही था। सत्याग्रह' में कौन-सी सन्धि है?
Recommended Questions
- नेपोलियन बोनापार्ट|नेपोलियन बोनापार्ट का शासन काल|नेपोलियन की संहिता क...
Text Solution
|
- किसी स्थान पर पृथ्वी के चुम्बकीय क्षेत्र का क्षैतिज घटक 0.3xx10^(-4)" ...
Text Solution
|
- (dy)/(dx)=1+x+y+xy" का हल है "
Text Solution
|
- अंतराल [-1,1]" में "f(x)=x^(2)-1 के लिए रोली प्रमेय से c का मान है
Text Solution
|
- sin^(-1)((2x)/(1+x^(2)))" का "cos^(-1)((1-x^(2))/(1+x^(2))) के सापेक्ष...
Text Solution
|
- वक्र x^(2)+y^(2)=a^(2)" के बिन्दु "(x(1),y(1)) पर स्पर्श रेखा का समीकर...
Text Solution
|
- CH(3)COOH के एक 0*001 mol L^(-1), विलयन की छलकता 3*905 xx 10^(-5) Sc...
Text Solution
|