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अनिवार्य संस्कृत : महत्वपूर्ण गद्यांश ||...

अनिवार्य संस्कृत : महत्वपूर्ण गद्यांश || श्लोक || अनुवाद || प्रश्नोत्तर सहित

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गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। लेखन के अनुसार शिक्षा का अर्थ है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। 'कार्य' का बहुवचन रूप है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। ज्ञान-प्राप्ति की इच्छा कब जमती है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। लेखक के अनुसार

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। 'बौद्धिक' शब्द में मूल शब्द है

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। गद्यांश के अनुसार ज्ञान कब निरर्थक बोझ बन जाता है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। शिक्षा केवल तभी बच्चों के आत्मिक जीवन का अंश बनती है, जबकि ज्ञान सक्रिय कार्यों के साथ अभिन्न रूप से जुड़ा हो। बच्चों से यह आशा नहीं की जा सकती कि पहाड़े या समकोण चतुर्भुज का क्षेत्रफल निकालने के नियम अपने आप से उन्हें आकर्षित करेंगे। जब बच्चा यह देखता है कि ज्ञान सृजन के या श्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति का साधन है, तभी ज्ञान पाने की इच्छा उनके मन में जागती है। मैं यह चेष्टा करता था कि छोटी उम्र में ही शारीरिक श्रम में बच्चों को अपनी होशियारी और कुशाग्र बुद्धि का परिचय देने का अवसर मिले। स्कूल का एक सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्यभार है बच्चों को ज्ञान का प्रयोग करना सिखाना। छोटी कक्षाओं में यह खतरा सबसे ज्यादा होता है कि ज्ञान निरर्थक बोझ बनकर रह जाएगा, क्योंकि इस उम्र में बौद्धिक श्रम नई-नई बातें। सीखने से ही संबंधित होता है। इच्छा' शब्द में 'इक' प्रत्यय जोड़ने से बनने वाला नया शब्द है

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। स्थूल एवं बाह्य पदार्थ सूक्ष्म एवं मानसिक पदार्थों एवं भावों की अपेक्षा अधिक महत्त्व के विषय नहीं हैं। जो व्यक्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ है, उसे भौतिक स्कूल लाभ अथवा प्रलोभन न तो लुभाते हैं और न ही प्रोत्साहित करते हैं। विश्व में विचारक दस में से एक ही व्यक्ति होता है। उसमें भौतिक महत्त्वकांक्षाएँ अत्यल्प होती हैं। 'पूँजी' का रचयिता कार्ल मार्क्स जीवनभर निर्धनता से जूझता रहा। राज्याधिकारियों ने सुकरात को मरवा डाला, पर वह जीवन के अन्तिम क्षणों में भी शांत था, क्योंकि वह अपने जीवन के लक्ष्य का भली-भांति निर्वाह कर चुका था। यदि उसे पुरस्कृत किया जाता, प्रतिष्ठा के अंबारों से लाद दिया जाता, परन्तु अपना काम न करने दिया जाता तो निश्चय ही वह अनुभव करता कि उसे कठोर रूप में दंडित किया गया है। ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब हमें बाहरी सुख-सुविधाएँ आकर्षित करती हैं, वे अच्छे जीवन के लिए अनिवार्य लगने लगती हैं किन्तु महत्त्वपूर्ण यह है कि क्या हमने जीवन का उद्देश्य प्राप्त कर दिया? यदि इसका उत्तर 'हाँ' है तो बाह्य वस्तुओं का अभाव नहीं खलेगा और यदि 'नहीं' है तो हमें अपने को भटकने से बचाना होगा और लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा। "जो व्यक्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ हैं..." वाक्य में रेखांकित शब्द के स्थान पर कौन-सा शब्द प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है ?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। स्थूल एवं बाह्य पदार्थ सूक्ष्म एवं मानसिक पदार्थों एवं भावों की अपेक्षा अधिक महत्त्व के विषय नहीं हैं। जो व्यक्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ है, उसे भौतिक स्कूली लाभ अथवा प्रलोभन न तो लुभाते हैं और न ही प्रोत्साहित करते हैं। विश्व में विचारक दस में से एक ही व्यक्ति होता है। उसमें भौतिक महत्त्वकांक्षाएँ अत्यल्प होती हैं। 'पूँजी' का रचयिता कार्ल मार्क्स जीवनभर निर्धनता से जूझता रहा। राज्याधिकारियों ने सुकरात को मरवा डाला, पर वह जीवन के अन्तिम क्षणों में भी शांत था, क्योंकि वह अपने जीवन के लक्ष्य का भली-भांति निर्वाह कर चुका था। यदि उसे पुरस्कृत किया जाता, प्रतिष्ठा के अंबारों से लाद दिया जाता, परन्तु अपना काम न करने दिया जाता तो निश्चय ही वह अनुभव करता कि उसे कठोर रूप में दंडित किया गया है। ऐसे अनेक अवसर आते हैं जब हमें बाहरी सुख-सुविधाएँ आकर्षित करती हैं, वे अच्छे जीवन के लिए अनिवार्य लगने लगती हैं किन्तु महत्त्वपूर्ण यह है कि क्या हमने जीवन का उद्देश्य प्राप्त कर दिया? यदि इसका उत्तर 'हाँ' है तो बाह्य वस्तुओं का अभाव नहीं खलेगा और यदि नहीं है तो हमें अपने को भटकने से बचाना होगा और लक्ष्य की ओर बढ़ना होगा। ''जो व्यक्ति रचनात्मक कार्य करने में समर्थ हैं..." वाक्य में रेखांकित शब्द के स्थान पर कौन-सा शब्द प्रयुक्त नहीं किया जा सकता है?