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Class 12
PHYSICS
चित्र में एक धातु PQ को दर्शाया गया है ...

चित्र में एक धातु PQ को दर्शाया गया है , जो पटरियों AB पर रखी है तथा एक स्थायी चुम्बक के ध्रुवों के मध्य स्थित है । पटरियाँ , छड़ एवं चुम्बकीय क्षेत्र परस्पर अभिलंवत दिशाओं में है । एक गैल्वेनोमीटर (धारामापी) G को पटरियों से के स्विच K की सहायता से संजोयित किया गया है । छड़ की लंबाई = 15 cm , B = 0.50 टेस्ला तथा पटरियों , छड़ तथा धारामापी से बने बंद लूप का प्रतिरोध `= 9.0 mOmega` है । क्षेत्र को एकसमान मान लें ।

(a) माना कुंजी K खुली (open) है तथा छड़ 12 सेमी/सेकण्ड की हाल से दर्शायी9 गई दिशा में गतिमान है । प्रेरित विधुत वाहक बल का मान एवं ध्रुवणता (polarity) बताइए।
(b) क्या कुंजी K खुली होने पर छड़ के सिरों पर आवेश का आधिक्य हो जाएगा? क्या होगा यदि कुंजी बंद कर दी जाए?
(c ) जब कुंजी K खुली हो तथा छड़ एकसमान वेग से गति में हो तब भी इलेक्ट्रॉनों पर कोई परिणामी बल कार्य नहीं करता है । कारण स्पष्ट कीजिए ।
(d ) कुंजी बंद होने की स्थिति में छड़ पर लगने पर अवमंदन बल का मान की होगा ?
(e ) कुंजी बंद होने ककी स्थिति में छड़ को उसी चाल (`12 "mi"//"से"`) से चलाने हेतु किती हेतु कितनी सकती (बाह्य कारक के लिए) की आवश्यकता होगी ?
(f) बंद परिपथ में कितनी शक्ति का ऊष्मा के रूप में क्षय होगा ? इस शक्ति का स्रोत क्या है ?
(g) गतिमान छड़ में उत्पन्न विधुत वाहक बल का मान क्या होगा । यदि चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा पटरियों के लंबवत होने की बजाय उनके समांतर हो ?

लिखित उत्तर

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प्रेरित विo वाo बल, `e = Bvl`
यहाँ `B = 0.50` टेस्ला, `v = 12 "सेमी"//"से" = 0.12 "मीटर"//"से"`,`l = 15 "सेमी" = 0.15 "मीटर"` (पटरियों A व B के बीच में ),`R = 9.0` मिलीओम `= 9.0 xx 10^(-3)` ओम
`:.` प्रेरित विo वाo बल, `e = 0.50 xx 0.12 xx 0.15`
`= 9 xx 10^(-3) "वोल्ट"`
`= 9 "मिलीवोल्ट"` ।
इलेक्ट्रॉन पर चुम्बकीय बल, `vec(F_(m)) = qvecv xx vecB`
`= -evhati xx (-Bhatj)`
`= e vBhatk`.
अर्थात इलेक्ट्रॉन धनात्मक Z - दिशा में गति करते है (सिरे P से Q की ओर), अतः छड़ का सिरा P धनात्मक व Q ऋणात्मक होगा ।
(b) हां जब कुंजी K खुली है, तो छड़ के सिरों पर आधिक्य आवेश बनएकत्रित होगा , जिसके कारण वि वा बल उत्पन्न होगा हैं । जब कुंजी K बन्द हैं, तो प्रेरित धारा बहती है । अतः छड़ के सिरों पर आधिक्य आवेश बना रहता है, परन्तु आवेश और अधिक एकत्रित नहीं होता ।
(c ) जब कुंजी K खुली है तथा छड़ एकसमान चाल से गतिमान है तो इलेक्ट्रॉन पर कोई बल कार्य नहीं करता , क्योकि चुम्बकीय बल , छड़ के सिरों के बीच एकत्रित विपरीत आवेशों के कारण उत्पन्न वैधुत बल से निरस्त हो जाता है ।
(d) जब कुंजी (K) बंद है, तो मंदक बल `F = Bil`
यहाँ धारा, `i = e/R = (9 xx 10^(-3) "वोल्ट")/(9 xx 10^(-3) "ओम") = 1` ऐम्पियर
`:. `, बल `F = 0.50 xx 1 xx 0.15`
`= 7.5 xx 10^(-2) "न्यूटन" = 0.075 "न्यूटन"`।
(e ) इस मन्दक बल द्वारा व्यय शक्ति ,
`P = F v = 0.075 xx 0.12`
`= 9.0 xx 10^(-3) "वाट" = 0.9 "मिलीवाट"` ।
जब कुंजी K खुली है, तो कोई धारा प्रेरित नहीं होती, अतः शक्ति का क्षय नहीं होता ।
(f) बन्द परिपथ में शक्ति क्षय `= i^(2) R = (1)^(2) xx 9 xx 10^(-3)` वाट `= 9.0 "मिलीवाट"` प्रयुक्त सकती का स्रोत बाह्य कारक है ।
(g) जब चुम्बकीय क्षेत्र पटरियों के समान्तर है, तो छड़ किसी चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओ को नहीं काटती । अतः छड़ में कोई विo वाo बल प्रेरित नहीं होता ।
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