1 लीटर के बर्तन में `427^(@)C` पर 2 मोल `H_(2),1` मोल `N_(2)` तथा 2 मोल `NH_(3)` ली गई हैं। यदि गैसीय अभिक्रिया, `N_(2) + 3H_(2) ltimplies 2NH_(3)` के लिए `K_( c)` का मान `0.105 लीटर ^(2) मोल^(-2)` हो तो अभिक्रिया कि दिशा ज्ञात करो।
लिखित उत्तर
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दिया हैं- `[N_(2)]=1` मोल/लीटर, `[H_(2)]=2` मोल/लीटर, `[NH_(3)]=2` मोलर/लीटर `N_(2) + 3H_(2) ltimplies 2NH_(3)` के लिए `Q = ([NH_(3)]^(2))/([N_(2)][H_(2)]^(3)) = ([2]^(2))/([1][2]^(3)) =0.5` अतः `Q gt K_( c) (therefore K_( c)=0.105)` अतः अभिक्रिया पस्चम दिशा में होगी, चूँकि Q का मान K के बराबर होने के लिए `NH_(3)` कि सांद्रता घटनी तथा `N_(2)` व `H_(2)` कि सांद्रताएँ बढ़नी आवश्यक हैं। अतः इस अवस्था में `NH_(3)` वियोजित होकर `N_(2)` व `H_(2)` बनाती हैं।