Home
Class 11
PHYSICS
सूर्य के द्रव्यमान से 2.5 गुने द्रव्...

सूर्य के द्रव्यमान से 2.5 गुने द्रव्यमान का कोई तारा 1.2 किमी आमाप से निपात होकर 1.2 परिक्रमण प्रति सेकण्ड से घूर्णन कर रहा है । (इसी प्रकार के संहत तारे को न्यूट्रॉन तारा कहते हैं । कुछ प्रेक्षित तारकीय पिण्ड ,जिन्हें पल्सर कहते हैं ,इसी श्रेणी में आते हैं ।) इसके विषुवत वृत्त पर रखा कोई पिण्ड , गुरुत्व बल के कारण ,क्या इसके पृष्ठ से चिपका रहेगा ? (सूर्य का द्रव्यमान `=2xx10^(30)` किग्रा)

लिखित उत्तर

Verified by Experts

यदि किसी वस्तु पर लगा गुरुत्वाकर्षण बल अभिकेंद्र बल के बराबर या इससे अधिक है,तब पिण्ड गुरुत्व के कारण तारे के पृष्ठ से चिपका रहेगा ,क्योंकि इस स्थिति में अपकेन्द्र बल गुरुत्वाकर्षण बल से कम होता है इसलिए पिण्ड गिरने के योग्य नहीं रहता है, अर्थात
`mgge(mv^(2))/(r)`
या `gge(v^(2))/(r)`
दिया है,
तारे का द्रव्यमान `(M)=2.5xx2xx10^(30)` किग्रा
`=5.0xx10^(30)` किग्रा
त्रिज्या `(R )=12` किमी
`=12xx10^(3)` मीटर
गुरुत्वीय त्वरण `(g)=(GM)/(R^(2))`
`=(6.67xx10^(-11)xx5.0xx10^(30))/((12xx10^(3))^(2))`
`=0.2316xx10^(13) " मीटर"//"सेकण्ड"^(2)`
`=2.3xx10^(12) " मीटर"//"सेकण्ड"^(2)`
अब, अभिकेन्द्र त्वरण `(v^(2))/(r)=((romega)^(2))/(r)" "(becausev=romega)`
`=romega^(2)=r(2pin)^(2)(becauseomega=2piomega)`
`=12xx10^(3)xx(2xx3.14xx12)^(2)`
`=(12xx10^(3)xx4xx9.87xx144)`
`=1065.95xx10^(3)`
`=1.1xx10^(6)" मीटर"//"सेकण्ड"^(2)`
क्योंकि, `g gt(v^(2))/(r)`, अतः पिण्ड तारे के पृष्ठ से चिपका रहेगा ।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • गुरुत्वाकर्षण -2

    BALAJI PUBLICATION|Exercise NCERT पाठ्य - पुस्तक के प्रश्न|21 Videos
  • गुरुत्वाकर्षण -1

    BALAJI PUBLICATION|Exercise बहुविकल्पीय प्रश्न|36 Videos
  • गैसों का अणुगति सिद्धांत

    BALAJI PUBLICATION|Exercise NCERT पाठ्य-पुस्तक के प्रश्न|14 Videos