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CHEMISTRY
हैलोजन्स की बढ़ती हुई इलेक्ट्रॉन बन्धुता ...

हैलोजन्स की बढ़ती हुई इलेक्ट्रॉन बन्धुता का सही क्रम है -

लिखित उत्तर

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हैलोजन तत्त्वों के परमाणु एक इलेक्ट्रॉन ग्रहण कर एक ऋणात्मक आयन (X ) बनात हैं इनका इलेक्ट्रॉनिक विन्यास अक्रिय गैसों की तरह स्थायी बन जाता है। इस प्राक्रिया में का जिससे पुक्त होती है। अतः, हैलोजन तत्त्वों की इलेक्ट्रॉन बंधुता के मान उच्च होते है। ऊर्जा
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BHARATI BHAWAN-तत्वों का आवर्ती वर्गीकरण -सांखियक प्रश्नोत्तर
  1. नाइट्रोजन का आयनन विभव ऑक्सीजन से अधिक होता है व्याख्या करे|

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  2. क्षार-धातुओं में सीजियम का आयनन विभव सबसे कम होता है। कारण बताएँ।

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  3. मैग्नीशियम के प्रथम, द्वितीय और तृतीय आयनन विभव क्रमशः 736.9, 1448.7 औ...

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  4. Be की तुलना में B का आयनन विभव कम होता है, क्यों ?

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  5. अक्रिय गैसों की इलेक्ट्रॉन बंधुता का मान ऋणात्मक होता है, क्यों?

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  6. हैलोजन्स की बढ़ती हुई इलेक्ट्रॉन बन्धुता का सही क्रम है -

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  7. फ्लोरीन की इलेक्ट्रॉन वंधुता क्लोरीन से कम होती है। कारण बताएँ।

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  8. NO की तुलना में CO अधिक ध्रुवीय होता है, क्यों ?

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  9. नाइट्रोजन के प्रथम इलेक्ट्रॉन बंधुता का मान ऋणात्मक होता है, क्यों?

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  10. निम्नलिखित युग्मों में किसकी (i) आयनन ऊर्जा कम होगी, Sr या Be की ? (...

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