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PHYSICS
जल का अपवर्तनांक 1.3 हैं तथा काँच का अपव...

जल का अपवर्तनांक `1.3` हैं तथा काँच का अपवर्तनांक `1.5` हैं। यदि जल में प्रकाश की चाल `2.25 xx 10^(8)` मीटर/सेकण्ड हैं तो काँच में प्रकाश की चाल कितनी होगी?

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The monthly incomes of Mohit and Prakash are in the ratio 2 : 3. Their monthly expenditures are in the ratio 3 : 5. If each saves Rs5000 per month, then what is the sum of monthly incomes of Mohit and Prakash? मोहित तथा प्रकाश की मासिक आय 2 : 3 के अनुपात में है | उनके मासिक व्यय 3 : 5 के अनुपात में हैं | यदि उनमें से प्रत्येक प्रतिमाह 5000 रुपये की बचत करता है, तो मोहित तथा प्रकाश की मासिक आय का योग ज्ञात करें |

A man can row a distance of 900 meters against the stream in 12 minutes and returns to the starting point in 9 minutes. What is the speed (in km/h) of the man in still water ? / एक व्यक्ति धारा के विपरीत 900 मीटर की दूरी नाव से 12 मिनट में तय करता है तथा आरंभिक बिंदु पर 9 मिनट में पहुँचता है | स्थिर जल में व्यक्ति की चाल (किमी/घंटा में ) कितनी होगी ?

A boat covers 64 km upstream in 8 hours and 120 km downstream in 12 hours. What is the speed (in m/s) of the boat in still water? एक नाव धारा के प्रतिकूल 8 घंटे में 64 किमी तथा धारा के अनुकूल 12 घंटे में 1210 किमी की दूरी तय कर सकती है | स्थिर जल में नाव की चाल ( मीटर/सेकंड में ) क्या होगी ?

The ratio of the number of boys and girls in a school 3:2. If there are 360 students in the school, then what is the number of girls in the school ? एक विद्यालय में लड़कों तथा लड़कियों की संख्या में 3 : 2 का अनुपात है | यदि विद्यालय में 360 छात्र हैं, तो इस विद्यालय में लड़कियों की संख्या कितनी है ?

Places A and B are 396 km apart. Train X leaves from A for B and train Y leaves from B for A at the same time on the same day on parallel tracks. Both trains meet after 5 1/2 hours. The speed of Y is 10 km/h more than that of X. What is the speed (in km/h) of Y ? स्थान A और B 396 किमी दूर हैं | ट्रेन X, A से B के लिए तथा ट्रेन Y, B से A के लिए एक ही दिन एक ही समय पर समानांतर पटरियों पर रवाना होती हैं | दोनों ट्रेनें 5 1/2 घंटे के बाद मिलती हैं | Y की चाल X की चाल से 10 किमी/घंटा अधिक है | Y की चाल ( किमी/घंटा में ) कितनी है ?

When 5 children from class A join Class B, the number of children in both classes is he same. If 25 children from B, join A, then the number of children in A becomes double the number of children in B. The ratio of the number of children in A to those in B is. जब कक्षा A के 5 बच्चे कक्षा B में शामिल होते हैं, तो दोनों कक्षाओं के बच्चों की संख्या समान होती है। यदि B के 25 बच्चे A से जुड़ते हैं, तो B में बच्चों की संख्या दोगुनी हो जाती है। B के बच्चों की संख्या A में उन बच्चों की संख्या का अनुपात है।

The chords AB and CD of a circle intersect at E. If AE = 12cm, BE = 20.25 cm and CE = 3DE, then the length (in cm) of CE is: एक वृत्त की दो जीवाएँ AB तथा CD एक-दूसरे को E पर काटती हैं | यदि AE = 12 सेमी, BE =20.25 सेमी तथा CE = 3DE है, तो CE की लंबाई ( सेमी में ) कितनी होगी ?

The ratio between the speeds of two trains is 5:7. If the first train covers 300 km in 3 hours, then the speed (in km/h) of the second train is : दो ट्रेनों की चाल में 5 : 7 का अनुपात है | यदि पहली ट्रेन 300 किमी की दूरी 3 घंटे में तय करती है, तो दूसरी ट्रेन की चाल ( किमी/घंटा में ) कितनी है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। भारत की शस्यश्यामला भूमि में जो निसर्ग-सिद्ध सुषमा है, उस पर भारतीय कवियों का चिरकाल से अनुराग रहा है। यों तो प्रकृति की साधारण वस्तुएँभी मनुष्यमात्र के लिए आकर्षक होती हैं, परन्तु उसकी सुन्दरतम विभूतियों __ में मानव वृत्तियाँ विशेष प्रकार से रमती हैं। अरब के कवि मरुस्थल में बहते हुए किसी साधारण से झरने अथवा ताड़ के लंबे-लंबे पेड़ों में ही सौन्दर्य का अनुभव कर लेते हैं तथा ऊँटों की चाल में ही सुन्दरता की कल्पना कर लेते हैं, परन्तु जिन्होंने भारत की हिमाच्छादित शैलमाला पर संध्या की सुनहली किरणों की सुषमा देखी हैं अथवा जिन्हें घनी अमराइयों की छाया में कल-कल ध्वनि से बहती हुई निर्झरिणी तथा उसकी समीपवर्तिनी लताओं की वसन्तश्री देखने का अवसर मिला है, साथ ही जो यहाँ के विशालकाय हाथियों की मतवाली चाल देख चुके हैं, उन्हें अरब की उपर्युक्त वस्तुओं में सौन्दर्य तो क्या, उलटे नीरसता, शुष्कता और भद्दापन ही मिलेगा। भारतीय कवियों को प्रकृति की सुन्दर गोद में क्रीड़ा करने का सौभाग्य प्राप्त है। ये हरे-हरे उपवनों तथा सुन्दर जलाशयों के तटों पर विचरण करते तथा प्रकृति के नाना मनोहारी रूपों से परिचित होते हैं। यही कारण है कि भारतीय कवि प्रकृति के संश्लिष्ट तथा सजीव चित्र जितनी मार्मिकता, उत्तमता तथा अधिकता से अंकित कर सकते हैं तथा उपमा-उत्प्रेक्षाओं के लिए जैसी सुन्दर वस्तुओं का उपयोग कर सकते हैं, वैसा रूखे-सूखे देश के निवासी कवि नहीं कर सकते। यह भारत-भूमि की ही विशेषता है कि यहाँ के कवियों का प्राकृतिक-वर्णन तथा तत्संभव सौन्दर्य-ज्ञान उच्च कोटि का होता है। प्रकृति के रम्य रूपों में तल्लीनता की जो अनुभूति होती है उसका उपयोग कविगण कभी-कभी रहस्यमयी भावनाओं के संचार में भी करते हैं। यह अखंड भूमण्डल तथा असंख्य ग्रह, उपग्रह, रवि-शशि अथवा जल, वायु, अग्नि, आकाश कितने रहस्यमय तथा अज्ञेय हैं? इनके सृष्टि-संचालन आदि के सम्बन्ध में दार्शनिकों अथवा वैज्ञानिकों ने इन तत्वों का निरूपण किया है। भारतीय कवियों को किसके गोद में क्रीड़ा करने का सौभाग्य प्राप्त है?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित में सबसे उचित विकल्प को चुनिए। भारत की शस्यश्यामला भूमि में जो निसर्ग-सिद्ध सुषमा है, उस पर भारतीय कवियों का चिरकाल से अनुराग रहा है। यों तो प्रकृति की साधारण वस्तुएँभी मनुष्यमात्र के लिए आकर्षक होती हैं, परन्तु उसकी सुन्दरतम विभूतियों __ में मानव वृत्तियाँ विशेष प्रकार से रमती हैं। अरब के कवि मरुस्थल में बहते हुए किसी साधारण से झरने अथवा ताड़ के लंबे-लंबे पेड़ों में ही सौन्दर्य का अनुभव कर लेते हैं तथा ऊँटों की चाल में ही सुन्दरता की कल्पना कर लेते हैं, परन्तु जिन्होंने भारत की हिमाच्छादित शैलमाला पर संध्या की सुनहली किरणों की सुषमा देखी हैं अथवा जिन्हें घनी अमराइयों की छाया में कल-कल ध्वनि से बहती हुई निर्झरिणी तथा उसकी समीपवर्तिनी लताओं की वसन्तश्री देखने का अवसर मिला है, साथ ही जो यहाँ के विशालकाय हाथियों की मतवाली चाल देख चुके हैं, उन्हें अरब की उपर्युक्त वस्तुओं में सौन्दर्य तो क्या, उलटे नीरसता, शुष्कता और भद्दापन ही मिलेगा। भारतीय कवियों को प्रकृति की सुन्दर गोद में क्रीड़ा करने का सौभाग्य प्राप्त है। ये हरे-हरे उपवनों तथा सुन्दर जलाशयों के तटों पर विचरण करते तथा प्रकृति के नाना मनोहारी रूपों से परिचित होते हैं। यही कारण है कि भारतीय कवि प्रकृति के संश्लिष्ट तथा सजीव चित्र जितनी मार्मिकता, उत्तमता तथा अधिकता से अंकित कर सकते हैं तथा उपमा-उत्प्रेक्षाओं के लिए जैसी सुन्दर वस्तुओं का उपयोग कर सकते हैं, वैसा रूखे-सूखे देश के निवासी कवि नहीं कर सकते। यह भारत-भूमि की ही विशेषता है कि यहाँ के कवियों का प्राकृतिक-वर्णन तथा तत्संभव सौन्दर्य-ज्ञान उच्च कोटि का होता है। प्रकृति के रम्य रूपों में तल्लीनता की जो अनुभूति होती है उसका उपयोग कविगण कभी-कभी रहस्यमयी भावनाओं के संचार में भी करते हैं। यह अखंड भूमण्डल तथा असंख्य ग्रह, उपग्रह, रवि-शशि अथवा जल, वायु, अग्नि, आकाश कितने रहस्यमय तथा अज्ञेय हैं? इनके सृष्टि-संचालन आदि के सम्बन्ध में दार्शनिकों अथवा वैज्ञानिकों ने इन तत्वों का निरूपण किया है। प्रस्तुत गद्यांश में कहाँ के कवियों का सौन्दर्य ज्ञान उच्च कोटि का बताया गया है?

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