जहाँ `a**b=` न्यूनतम ऋणोत्तर जब `ab` को 5 से भाग दिया जाता है।
`:. 1**1=1, 1**2, 1**3=3, 1**4=4, 2**1= 2, 2**2=4`
`2**3=1,2**4=3,3**1= 3**3=4, 3**4=2` आदि
(i) चूँकि संक्रिया सरणी की सभी प्रविष्टियाँ समुच्चय S के अवयव है। अतः संक्रिया `'**'` समुच्चय S पर द्विआधारी संक्रिया है।
(ii) संक्रिया सरणी मुख्य विकर्ण के सममित है इसलिए द्विआधारी संक्रिया `**` समुच्चय S पर क्रमविनिमेय नियम का पालन करती है।
(iii) संक्रिया सारणी में द्विआधारी संक्रिया `**` के लिए 1 तत्समक अवयव है ।
(iv) तत्समक अवयव संक्रिया सरणी के प्रत्येक पंक्ति और स्तम्भी है इसलिए `S` पर प्रत्येक अवयव व्युत्क्रमणीय है।
`1**1= 1 rArr (1)^(-1)=1`
` 2**3=1 rArr (2)^(-1)=3`
`3**2 =1 rArr (3)^(-1)=2`
` 4**4= 1 rArr (4)^(-1)=4`