दी गयी द्विआधारी संक्रिया है-
`a**b={{:(a+b"यदि"a+b+lt6),(a+b-6"यदि"a+bgt6):}`
`{:(0**0=0,[ :. 0+0 lt 6]),(0**5=5,[ :. 0+5lt6]),(1**5=0,[ :. 1+5=6]):}`
`2**5=1 [ :. 2+5=7 gt 6`] आदि
माना `A={0,1,2,3,4,5}`
द्विआधारी संक्रिया `**` के लिए संयोजन सरणी निम्न है :
(i) संक्रिया सरणी की प्रथम पंक्ति सबसे ऊपरी पंक्ति के सम्पाती है तथा प्रथम स्तम्भ सबसे बायीं ओर के स्तम्भ के सम्पाती है तथा दोनों 0 पर मिलते है इसलिए द्विआधारी संक्रिया `**` के लिए A में तत्समक अवयव `e=0` है।
(ii) तत्समक अवयव 0 संक्रिया के प्रत्येक तथा स्तम्भ में है इसलिए समुच्चय A का प्रत्येक अवयव व्युत्क्रमणीय है।
`0**0= rArr (0)^(-1)=0`
`1**5=0 rArr (1)^(-1)=5`
`2**4=0 rArr (2)^(-1)=4`
`3**3 =0 rArr (3)^(-1)=3`
`4**2= 0 rArr (4)^(-1)=2`
`5**1=0 rArr (5)^(-1)=1`
अतः `6-a` प्रत्येक `a in A` के लिए प्रतिलोम अवयव है।