Home
Class 12
PHYSICS
विद्युत चुम्बकित प्रेरण सम्बन्धी फैराडे ...

विद्युत चुम्बकित प्रेरण सम्बन्धी फैराडे के प्रयोग का वर्णन करते हुये निष्कर्ष लिखिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो चालक के चरों और चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न हो जाता है। इस खोज से प्रभावित होकर फैराडे ने सोचा की जब विद्युत धारा से चुम्बकीय क्षेत्र उत्पन्न होता है, तो चुम्बकीय क्षेत्र से भी विद्युत धारा उत्पन्न होनी चाहिए। इस सम्बन्ध में उन्होंने एक चुम्बक और कुंडली के साथ अनेक प्रयोग किये जिन्हे फैराडे का प्रयोग कहते हैं। प्रयोग हेतु ताँबे की विद्युत रोधी तार की कुंडली बनाकर उसके दोनों सिरों में मध्य एक धरमपि जोड़ देते हैं। अब एक दण्ड चुम्बक को उसके समीप लाते हैं एवं दूर ले जाते हैं जिससे निम्नानुसार प्रेक्षण प्राप्त होते हैं-

(i) चित्र (a) के अनुसार जब चुम्बक के उत्तरी ध्रुव को कुंडली के समीप लाते हैं, तो धारामापी में एक दिशा में विक्षेप होता है। यदि चुम्बक को स्थित कर दिया जाये तो धारामापी का विक्षेप शून्य हो जाता है।
(ii) अब चुम्बक के N ध्रुव को चित्र 1 (b) के अनुसार कुंडली से दूर ले जाये तो धारामापी में पुनः विक्षेप होता है, परन्तु अब विक्षेप विपरीत दिशा में होता है।
(iii) यदि उपर्युक्त प्रयोग चुम्बक के S ध्रुव के साथ करें तो धारामापी में विक्षेप होता है, परन्तु विक्षेप के विपरीत होती है, जिन्हे चित्र (c) और (d) में प्रदर्शित किया गया है।
(iv) यदि चुम्बक को तेजी से कुंडली के पास लाएँ या कुंडली से दूर ले जाएं तो धारामापी में विक्षेप का मान बढ़ जाता है।
(v) यदि कुंडली के फेरों की संखा बड़ा दे तो धारामापी में विक्षेप का मान बढ़ जाता है।
(vi) अब यदि चुम्बक को स्थिर रखकर कुंडली को चुम्बक के समीप लाएँ या दूर ले जाएँ तो भी धारामापी में विक्षेप होता है।
उपर्युक्त प्रयोग से यह निष्कर्ष निकलता है की चुम्बक और कुंडली के मध्य आपेक्षित गति होने पर ही धारामापी में विक्षेप होता है।
निष्कर्ष - उपर्युक्त प्रयोगों से यह निष्कर्ष निकलता है की जब किसी कुंडली एवं चुम्बक के मध्य आपेक्षित गति होती है, तो कुंडली में वि० वा० बल उत्पन्न हो जाता है जिसे प्रेरित वि० वा० बल के कारण कुंडली में विद्युत धारा प्रवाहित होती है जिसे प्रेरित धारा कहते हैं।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • विधुत चंबकीय प्रेरण

    PRABODH PUBLICATION|Exercise दीर्घ उत्तरीय प्रश्न|6 Videos
  • विधुत चंबकीय प्रेरण

    PRABODH PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|12 Videos
  • विधुत चंबकीय प्रेरण

    PRABODH PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|12 Videos
  • विद्युत धारा

    PRABODH PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|20 Videos
  • विधुत चुम्बकीय तरंगे

    PRABODH PUBLICATION|Exercise मूल्य आधारित प्रश्न|5 Videos
PRABODH PUBLICATION-विधुत चंबकीय प्रेरण -लघु उत्तरीय प्रश्न
  1. यदि निम्न चित्र (a) में प्रतिरोध R का मान घटाए तो चित्र (b) में प्रेरि...

    Text Solution

    |

  2. विद्युत फ्लक्स की परिभाषा दीजिए। इसका मात्रक तथा विमीय सूत्र लिखिए। इस...

    Text Solution

    |

  3. विद्युत चुम्बकित प्रेरण सम्बन्धी फैराडे के प्रयोग का वर्णन करते हुये न...

    Text Solution

    |

  4. विद्युत-चुम्बकीय प्रेरण के नियमों को लिखकर उनकी व्याख्या कीजिए।

    Text Solution

    |

  5. विद्युत-चुम्बकीय प्रेरण से आप क्या समझते हैं? फैराडे के विद्युत चुम्बक...

    Text Solution

    |

  6. फैराडे के विद्युत चुम्बकीय प्रेरण के नियम लिखिए तथा प्रेरित विद्युत वा...

    Text Solution

    |

  7. लेन्ज का नियम लिखिए तथा समझाइये की लेन्ज का नियम ऊर्जा-संरक्षण के नियम...

    Text Solution

    |

  8. लेन्ज का नियम लिखिए। क्या यह ऊर्जा संरक्षण के नियम का उल्लंघन करता है?

    Text Solution

    |

  9. स्वप्रेरण का अर्थ समझाइये। एक ऐसे प्रयोग का वर्णन कीजिए जिससे स्वप्रेर...

    Text Solution

    |

  10. अवप्रेरकत्व या स्वप्रेरण गुणांक का अर्थ समझाइये। यह किन कारकों पर निर्...

    Text Solution

    |

  11. स्वप्रेरण का अर्थ समझाइये। किसी कुंडली के स्वप्रेरकत्व से क्या तात्पर्...

    Text Solution

    |

  12. एक समतल वृत्तीय कुंडली के स्वप्रेरकत्व के लिए व्यंजक व्युत्पन्न कीजिए।...

    Text Solution

    |

  13. किसी कुंडली का स्वप्रेरकत्व किन बातों पर निर्भर करता है?

    Text Solution

    |

  14. एक लम्बी परिनालिका के अवप्रेरकत्व के लिए व्यंजक ज्ञात कीजिए। इसका मान ...

    Text Solution

    |

  15. स्वप्रेरकत्व क्या है? दो कुंडलियों के स्वप्रेरकत्व L(1) व L(2) हैं। इन...

    Text Solution

    |

  16. स्वप्रेरकत्व क्या है? दो कुंडलियों के स्वप्रेरकत्व L(1) व L(2) हैं। इन...

    Text Solution

    |

  17. अन्योन्य प्रेरण का अर्थ समझाइये। अन्योन्य प्रेरकत्व से क्या तात्पर्य ह...

    Text Solution

    |

  18. अन्योन्य प्रेरण को दर्शाने वाले एक प्रयोग का वर्णन कीजिए।

    Text Solution

    |

  19. दो लम्बी समअक्षीय परिनालिकाओं के मध्य अन्योन्य प्रेरकत्व के लिए व्यंजक...

    Text Solution

    |

  20. दो कुण्डलियाँ P और S के स्वप्रेरकत्व क्रमशः L(1) व L(2) हैं। यदि उनके ...

    Text Solution

    |