माना `3+2sqrt(5)` एक परिमेय संख्या है। माना `3+2sqrt(5)=p/q` जहां `q!=0` तथा `p` और `q` घर पूर्णांक है। `=2sqrt(5)=p/q-3=(p-3q)/q` `impliessqrt(5)=(p-3q)/(2q)` `:’p` और `q` पूर्णांक है तथा `q!=0` `:.(p-3q)/(2q)` एक परिमेय संख्या है। प्रश्न 1 से `sqrt(5)` एक अपरिमेय संख्या है। अब एक अपरिमेय संख्या और एक परिमेय संख्या बराबर हैं जो सम्भव नहीं है। अतः यह हमारी पूर्व धारणा के विपरीत है। `:.` हमारी कल्पना गलत है। अर्थात `3+2sqrt(5)` एक अपरिमेय संख्या है।