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PHYSICS
वैद्युत द्विध्रुव के कारण निरक्षीय स्थित...

वैद्युत द्विध्रुव के कारण निरक्षीय स्थिति में वैद्युत विभव का मान शून्य होता है किंतु विद्युत क्षेत्र शून्य नहीं होता।

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
सत्य
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NAVBODH-स्थिरवैद्युत विभव तथा धारिता -सत्य/असत्य बताइए-
  1. किसी आवेशित चालक का विभव चालक के पदार्थ की प्रकृति पर निर्भर करता है।

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  2. घातु का परावैद्युतांक अनंत होता है।

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  3. यदि धारिता का मान बढ़ाना हो तो संधारित्रों को श्रेणीक्रम में संयोजित क...

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  4. किसी चालक गोले को जितना चाहे आवेश दे सकते हैं।

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  5. समान विभव के दो आवेशित चालकों को चालक तार द्वारा जोड़ने से ऊर्जा की हा...

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  6. वान डे ग्राफ जनित्र की सहायता से उच्च विभवांतर उत्पन्न किया जा सकता है...

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  7. वैद्युत द्विध्रुव के कारण निरक्षीय स्थिति में वैद्युत विभव का मान शून्...

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  8. बोल्ट, जूल प्रति कूलॉम एवं न्यूटन मीटर प्रति कूलॉम एक ही भौतिक राशि वै...

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  9. अध्रुवीय परावैद्युत के प्रत्येक अणु में स्थायी द्विध्रुव आघूर्ण होता...

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  10. दो आवेशित चालकों को चालक तार द्वारा जोड़ने पर सदैव ऊर्जा की हानि होती ...

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  11. विद्युत धारिता का मात्रक फैरड/कूलॉम होता है।

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