Home
Class 12
PHYSICS
किसी गैलवेनोमीटर की कुंडली के प्रतिरोध 1...

किसी गैलवेनोमीटर की कुंडली के प्रतिरोध `15 Omega` है । इससे `4mA` की विधुत-धारा प्रवाहित करने पर पूर्ण-स्केल विक्षेप (full-scale deflection) प्राप्त होता है । इस गैलवेनोमीटर को 0 से 6A परास (range) वाले ऐमीटर में किस प्रकार बदलेंगे ?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

गैलवेनोमीटर की कुंडली का प्रतिरोध `G= 15 Omega`.
पूर्ण-स्केल विक्षेप के लिए प्रवाहित धारा `I_(g) = 4 mA = 4xx 10^(-3) A`.
यदि मुख्य धारा (maian current)का मान 6 A हो, तो पूर्ण विक्षेप के लिए, इस गैलवेनोमीटर से मात्र 4 mA की धारा प्रवाहित होनी चाहिए, तथा शेष धारा (समांतरक्रम में संयोजित प्रतिरोधक शंट S से प्रवाहित होगी ।
अतः ,सूत्र `I_(g) = (S)/(G + S). I` में, `I_(g) = 4 xx 10^(-3)A, G = 15 Omega`तथा `I = 6 A` रखने पर,
`(4 xx 10^(-3)A) = (S)/(15 Omega+ S) (6A)`
या `15Omega + S = (6S)/(4 xx 10^(-3)) = 1500 S`
या `1499S = 15 Omega`
`:.` अभीष्ट शंट `S = (15)/(1499) Omega = 0.01 Omega = 10 mOmega`.
[विकल्पत : - धारा का प्रारंभिक परास`= 4mA =4 xx 10^(-3)A`, तथा अंतिम परास `= 6A` .
अतः ,धारा के परास में n गुना वृद्धि होती है, जहाँ `n = (6A)/(4 xx 10^(-3)A) = 1500`.
`:.` शंट S का अभीष्ट मान, `S = (G)/(n-1) = (1500 Omega)/(1500 - 1) = (15)/(1499) Omega = 0.01 Omega = 10 m Omega`.]
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • विधुत-परिपथ तथा किर्कहाफ के नियम

    BHARATI BHAWAN|Exercise उदहारण|8 Videos
  • संचार व्यवस्था

    BHARATI BHAWAN|Exercise उदाहरण|4 Videos